इस्लामाबाद/कराची | अंतरराष्ट्रीय डेस्क
ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की कथित मौत की खबरों के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में हिंसा भड़क उठी। देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन उग्र हो गए, जिनमें अब तक कम से कम 35 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है।
कराची में हालात बेकाबू
सबसे ज्यादा तनाव Karachi में देखा गया, जहां शिया संगठनों ने अमेरिकी और इस्राइली ठिकानों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) के बाहर मार्च निकाला। स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब भीड़ ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और फायरिंग का सहारा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई इलाकों में गोलियां चलीं और सरकारी व निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।
अन्य शहरों में भी प्रदर्शन
- Lahore में रैलियां और टायर जलाने की घटनाएं
- Islamabad में उच्च सुरक्षा अलर्ट
- Quetta में धार्मिक संगठनों का विरोध मार्च
कई स्थानों पर इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं और धारा 144 लागू की गई।
पृष्ठभूमि: ईरान पर हमले के बाद तनाव
हाल ही में ईरान पर इस्राइली-अमेरिकी संयुक्त हमलों की खबरों के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इन्हीं हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता के मारे जाने की खबर ने पूरे मुस्लिम जगत में आक्रोश पैदा कर दिया।
हालांकि, स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से इन दावों की पूर्ण पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
सुरक्षा और कूटनीतिक प्रतिक्रिया
- पाकिस्तान सरकार ने हिंसा की निंदा करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है।
- अमेरिकी मिशनों के बाहर सुरक्षा कई गुना बढ़ा दी गई है।
- राजधानी और संवेदनशील शहरों में अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान अपनी धरती पर किसी भी विदेशी मिशन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्थिति नाजुक, निगाहें सरकार पर
विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है, तो पाकिस्तान में सांप्रदायिक और राजनीतिक अस्थिरता गहरा सकती है।
फिलहाल, प्रशासन हालात पर कड़ी नजर रखे हुए है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती जारी है।
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