मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में सोमवार को एक ऐसा मोड़ आया, जिसने पूरे देश का ध्यान दोबारा इसी केस पर केंद्रित कर दिया। जेल में बंद मुस्कान रस्तोगी, जिस पर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या कर उसके शव को नीले प्लास्टिक ड्रम में सीमेंट से भरकर छिपाने का आरोप है, ने LLRM मेडिकल कॉलेज में एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची का नाम रखा गया है—राधा। लेकिन यह जन्म खुशी से ज्यादा सवालों का तूफान लेकर आया है—आखिर बच्ची का बाप कौन है?
ससुराल का साफ बयान—“पहले DNA, फिर स्वीकार करेंगे”
बच्ची के जन्म के कुछ ही घंटों बाद सौरभ के बड़े भाई राहुल राजपूत ने मीडिया से कहा कि परिवार बच्ची को तभी स्वीकार करेगा जब DNA रिपोर्ट यह साबित कर दे कि राधा सौरभ की ही बेटी है। उन्होंने अदालत में DNA टेस्ट की याचिका दाखिल करने की घोषणा कर दी है। यह बयान आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है, क्योंकि अब बच्ची की पहचान सीधे अदालत और फॉरेंसिक जांच के दायरे में आ गई है।
कहां से शुरू हुई थी यह कहानी?
मार्च 2025—ब्रह्मपुरी, मेरठ।
पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत अचानक गायब हो गए। जब पुलिस ने उनके घर पर जांच की तो एक नीला प्लास्टिक ड्रम बरामद हुआ। ड्रम को तोड़ते ही वह भयावह सच सामने आया जिसने पूरे मेरठ को हिला दिया—अंदर सौरभ का टुकड़ों में कटा शव, जिसे सीमेंट में दबाया गया था।
जांच में यह साफ हुआ कि हत्या करने वाली कोई और नहीं, बल्कि सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल शुक्ला था। हत्या के बाद दोनों मनाली घूमने चले गए थे, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
अप्रैल में मेडिकल जांच में पता चला कि मुस्कान डेढ़ महीने की गर्भवती है। इसके बाद से वह जेल में है और वहीं से उसकी प्रेग्नेंसी का पूरा नौ महीनों तक इलाज और निगरानी चली।
सोशल मीडिया पर घमासान—“सौरभ या साहिल?”
मुस्कान के मां बनते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
लोगों ने सवाल उठाए—
क्या बच्ची सौरभ की है?
क्या मुस्कान अपने प्रेमी साहिल के बच्चे की मां बनी है?
क्या हत्या के पीछे भी इस प्रेम संबंध का हाथ था?
ट्विटर और इंस्टाग्राम पर मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने लिखा कि “अब तो DNA रिपोर्ट ही बताएगी कि बच्ची की असल कहानी क्या है।”
एक अजीब संयोग—सौरभ का जन्मदिन और बच्ची का जन्म
यह भी संयोग है कि मुस्कान की बेटी 24 नवंबर को पैदा हुई—उसी दिन जब सौरभ का जन्मदिन होता। इस संयोग ने मामले में भावनात्मक जुड़ाव को और गहरा किया है। लोग इसे किस्मत का खेल बता रहे हैं, तो कुछ इसे काले अध्याय की विडंबना कह रहे हैं।
जेल प्रशासन की सतर्कता बढ़ी
फिलहाल मुस्कान और बच्ची को मेडिकल टीम की निगरानी में रखा गया है। सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है, क्योंकि केस बेहद संवेदनशील है और मीडिया का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
अब सबकी नजर DNA पर—कौन बनेगा ‘राधा’ का पिता?
देश की निगाहें अब सिर्फ एक दस्तावेज़ पर टिक गई हैं—DNA रिपोर्ट।
यह रिपोर्ट तय करेगी—
क्या राधा सौरभ की अंतिम निशानी है,
या
वह साहिल की संतान है, जिसने मुस्कान के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की थी।
जब तक यह रिपोर्ट नहीं आती, नीले ड्रम की यह कहानी और भी रहस्यमय बनी रहेगी।
लेकिन यह जन्म खुशी का क्षण नहीं, बल्कि एक और राज़ का उदय बनकर सामने आया है—आखिर राधा का पिता कौन?
DNA टेस्ट की मांग पर ससुराल का अडिग रुख
सौरभ के बड़े भाई राहुल राजपूत ने साफ कहा है कि परिवार बच्ची को तभी स्वीकार करेगा जब DNA रिपोर्ट यह साबित कर दे कि राधा सौरभ की ही बेटी है।
उन्होंने अदालत में जल्द ही DNA टेस्ट की याचिका दाखिल करने की बात कही है।
**मार्च 2025 का काला सच: ड्रम में बंद मिली थी
Views: 194
