2025 से नए श्रम कोड लागू: वेतन संरचना बदलेगी, 4 दिन का वर्कवीक संभव

2025 से नए श्रम कोड लागू: वेतन संरचना बदलेगी, 4 दिन का वर्कवीक संभव

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए नए श्रम कानून—चार श्रम संहिताएँ—2025 से चरणबद्ध तरीके से लागू होने जा रही हैं। करीब 29 से अधिक पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक सुरक्षा और औद्योगिक संबंधों से जुड़े चार कोड बनाए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन संहिताओं के लागू होने से श्रम कानूनों में एकरूपता आएगी और उद्योगों के लिए नियम सरल बनेंगे।

वेतन की नई परिभाषा

नए कोड में “वेतन” का दायरा दोबारा तय किया गया है। नए नियमों के तहत मूल वेतन कुल वेतन का कम से कम 50% होना अनिवार्य होगा। इस बदलाव का सीधा असर EPF, ग्रेच्युटी और अन्य सामाजिक सुरक्षा योगदानों पर पड़ेगा।

चार दिन का कार्य सप्ताह भी संभव

नई संहिताओं में 4-दिवसीय वर्कवीक का विकल्प दिया गया है। कंपनियाँ चाहें तो सप्ताह में 4 दिन काम और 3 दिन अवकाश दे सकती हैं। हालांकि साप्ताहिक कुल कार्य-घंटे 48 ही रहेंगे, यानी प्रतिदिन कार्य-घंटे बढ़ेंगे।

फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को लाभ

फिक्स्ड-टर्म यानी निश्चित अवधि के कर्मचारियों को अब स्थायी कर्मचारियों जैसे लाभ, जिसमें ग्रेच्युटी भी शामिल है, देने का प्रावधान किया गया है। इससे अनुबंध आधारित कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ेगी।

हायरिंग और फायरिंग में राहत

औद्योगिक संबंध संहिता के तहत 300 तक कर्मचारियों वाली कंपनियों को नियुक्ति और छंटनी में अधिक लचीलापन दिया गया है। ऐसे उद्यम बिना सरकारी अनुमति के भी कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त कर सकेंगे।

चरणबद्ध लागू होने की तैयारी

सरकार ने संकेत दिया है कि इन संहिताओं का लागू होना चरणबद्ध तरीके से होगा और अनुमान है कि बड़ी कंपनियों पर इसका असर पहले दिखाई देगा। राज्यों में नियमावली की तैयारी अंतिम चरण में है।

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