हैदराबाद: देश में अब किसी भी खाने-पीने के उत्पाद पर ‘ORS’ (Oral Rehydration Solution) लिखने से पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। यह ऐतिहासिक फैसला भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने जारी किया है। इस आदेश के बाद अब कोई भी सॉफ्ट ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक या फ्लेवर्ड वाटर कंपनी अपने उत्पाद पर ‘ORS’ लिखकर उसे असली रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन की तरह पेश नहीं कर सकेगी।
यह फैसला दरअसल हैदराबाद की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवरंजनी संतोष की आठ साल लंबी कानूनी और सामाजिक लड़ाई का नतीजा है। उन्होंने बच्चों की सेहत से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाई थी।
🩺 कैसे शुरू हुई यह जंग?
डॉ. शिवरंजनी संतोष ने 2016 में देखा कि कई कंपनियां बाजार में ऐसी मीठी ड्रिंक्स और फ्लेवर्ड वाटर बेच रही हैं जिन पर बड़े अक्षरों में “ORS” लिखा होता है। माता-पिता अक्सर भ्रमित होकर इन ड्रिंक्स को बच्चों के डिहाइड्रेशन या उल्टी-दस्त के इलाज में असली ORS समझकर इस्तेमाल कर लेते थे।
उन्होंने महसूस किया कि यह गलत मार्केटिंग बच्चों की जान पर भारी पड़ सकती है, क्योंकि असली WHO-मानक ORS में सोडियम, ग्लूकोज़ और पोटैशियम का निश्चित अनुपात होता है — जो बाजार के मीठे पेयों में नहीं होता।
⚖️ 8 साल तक चली कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई
डॉ. संतोष ने पहले स्वास्थ्य मंत्रालय और FSSAI को पत्र लिखे, फिर आरटीआई और जनहित याचिकाओं (PILs) के ज़रिए लगातार दबाव बनाया। उन्होंने मेडिकल फोरम, डॉक्टर एसोसिएशन और जागरूक नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ा।
कई बार बड़ी कंपनियों ने दावा किया कि उनका उत्पाद “हेल्थ ड्रिंक” है, लेकिन डॉ. संतोष ने तर्क दिया कि ‘ORS’ शब्द केवल WHO-स्वीकृत चिकित्सा फॉर्मूले के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है।
🏛️ आखिरकार आया आदेश
2025 में FSSAI ने डॉ. संतोष की मांग को मानते हुए आदेश जारी किया —
“अब किसी भी कंपनी को अपने उत्पाद पर ‘ORS’ शब्द लिखने या प्रचार में इस्तेमाल करने से पहले WHO या ICMR-मानक प्रमाणन दिखाना अनिवार्य होगा।”
इस आदेश के बाद सभी राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि ‘ORS’ लिखे गए उत्पादों की जांच और कार्रवाई की जाए।
😢 डॉ. संतोष की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद भावुक होकर डॉ. शिवरंजनी संतोष ने कहा —
“हम जीत गए! अब कोई भी बच्चे को मीठे ड्रिंक को ‘ORS’ बताकर धोखा नहीं दे सकेगा। यह बच्चों की सेहत की जीत है, सिर्फ मेरी नहीं।”
उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य किसी कंपनी को निशाना बनाना नहीं था, बल्कि लोगों को यह समझाना था कि असली ORS केवल WHO-फॉर्मूला से बने घोल को ही कहा जा सकता है — न कि किसी रंगीन ड्रिंक को।
💧 असली ORS बनाम नकली पेय
मापदंड असली WHO ORS मीठे ड्रिंक्स / नकली ORS
सोडियम (Na+) 75 mEq/L बहुत कम या न के बराबर
ग्लूकोज़ 75 mmol/L अत्यधिक मात्रा
पोटैशियम (K+) 20 mEq/L लगभग नहीं होता
उद्देश्य डिहाइड्रेशन से राहत स्वाद और एनर्जी ड्रिंक
सुरक्षा WHO द्वारा स्वीकृत FSSAI आदेश से नियंत्रित
🚨 अब क्या होगा
कंपनियों को अपने सभी उत्पादों की रीब्रांडिंग करनी होगी।
“ORS” शब्द का प्रयोग बिना प्रमाण के गैरकानूनी माना जाएगा।
उपभोक्ताओं को सही जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
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