रांची में दो मासूमों के लापता होने से हड़कंप, चार राज्यों में SIT की ताबड़तोड़ छापेमारी, ‘गुलगुलिया गैंग’ पर गहराया शक

रांची में दो मासूमों के लापता होने से हड़कंप, चार राज्यों में SIT की ताबड़तोड़ छापेमारी, ‘गुलगुलिया गैंग’ पर गहराया शक

झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों भय और अनिश्चितता के माहौल से गुजर रही है। धुर्वा थाना क्षेत्र के मल्लार टोली से 2 जनवरी को रहस्यमय तरीके से लापता हुए पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस घटना ने न सिर्फ इलाके बल्कि पूरे राज्य के माता-पिता की चिंता बढ़ा दी है। बच्चों की तलाश के लिए रांची पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर जांच को अंतरराज्यीय स्तर तक पहुंचा दिया है।

चार राज्यों में एक साथ पुलिस की दबिश

लापता बच्चों की खोज में SIT पूरी तरह मिशन मोड में है। शनिवार को पुलिस की अलग-अलग टीमों ने एक साथ चार राज्यों—ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश—में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की।

  • एक टीम ओडिशा भेजी गई
  • दूसरी टीम पश्चिम बंगाल के पुरुलिया पहुंची
  • तीसरी टीम बिहार के पूर्णिया में सक्रिय रही
  • इसके अलावा हजारीबाग और पलामू में भी सघन तलाशी अभियान चलाया गया

इससे पहले पटना और वाराणसी में भी पुलिस ने छानबीन की थी। तकनीकी टीम मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। परिजनों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि किसी भी कड़ी को नजरअंदाज न किया जाए।

‘गुलगुलिया गैंग’ पर क्यों है पुलिस का शक?

जांच के दौरान पुलिस का प्राथमिक शक कुख्यात ‘गुलगुलिया गैंग’ पर जा टिका है। झारखंड में ‘गुलगुलिया’ उन खानाबदोश समूहों को कहा जाता है जो अस्थायी झोपड़ियों और कैंपों में रहते हैं। पुलिस के अनुसार, रांची के कई थाना क्षेत्रों में इनके कैंप लगे हुए हैं, जिनमें अन्य राज्यों से आए संदिग्ध अपराधी भी शामिल रहते हैं।
पूर्व में इस गिरोह का नाम चोरी, बाल तस्करी और बच्चों से जुड़े अपराधों में सामने आ चुका है। खानाबदोश जीवनशैली के कारण ये लोग अक्सर जगह बदलते रहते हैं, जिससे इन पर नजर रखना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी वजह से पहले भी इन्हें शहर से बाहर करने और सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए जाते रहे हैं।

जनता का फूटा गुस्सा, बाजार बंद और मशाल जुलूस

दोनों मासूमों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर धुर्वा और एचईसी क्षेत्र के लोगों का सब्र अब टूटने लगा है। रविवार को संपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र में बाजार, दुकानें और परिवहन सेवाएं बंद रखने का आह्वान किया गया है।
‘अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले सैकड़ों स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे और हाथों में मशाल लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक दोनों बच्चे सुरक्षित नहीं मिल जाते, आंदोलन और तेज किया जाएगा।

पुलिस का दावा – जल्द मिलेगा सुराग

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। SIT हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर काम कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।

फिलहाल, पूरे रांची समेत झारखंड की नजरें इस पर टिकी हैं कि कब अंश और अंशिका अपने घर सुरक्षित लौटेंगे।

Views: 74

TOTAL VISITOR: 50178892