पटना। राजधानी पटना में अपराधियों का आतंक एक बार फिर बेखौफ नजर आया। देर रात राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास बदमाशों ने राजद नेता और जमीन कारोबारी राजकुमार राय की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
पुलिस के मुताबिक, दो अज्ञात हमलावरों ने राय पर ताबड़तोड़ छह गोलियां दागीं। गोलियों से छलनी होकर वह मौके पर ही गिर पड़े। समर्थकों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौके से पुलिस ने 6 खोखे बरामद किए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
वारदात कैसे हुई
पुलिस के अनुसार, राजकुमार राय अपने कुछ साथियों के साथ राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास मौजूद थे। तभी घात लगाए दो अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि राय ने जान बचाने की कोशिश में दौड़ लगाई, लेकिन हमलावरों ने पीछे से लगातार गोलियां बरसाईं। बदमाशों ने करीब छह गोलियां दागीं, जिनमें से अधिकांश राय को लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। समर्थकों ने उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से 6 खोखे बरामद किए हैं।
मृतक की राजनीतिक पृष्ठभूमि
राजकुमार राय, वैशाली जिले के राघोपुर निवासी थे और लंबे समय से राजनीति से जुड़े हुए थे। वह पंचायती राज प्रकोष्ठ राजद के जिला अध्यक्ष रह चुके थे और पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। जानकारी के मुताबिक, इस बार वे राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। गौरतलब है कि यह विधानसभा क्षेत्र तेजस्वी यादव का गढ़ माना जाता है। इससे पहले भी राय चुनाव मैदान में उतर चुके थे, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिल पाई थी।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस और एसएसएल टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल की गहन जांच की गई और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों की पहचान के लिए विशेष टीम बनाई गई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश और भूमि विवाद की भी आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
चुनावी सरगर्मी के बीच वारदात
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनावी माहौल में इस तरह की वारदात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजकुमार राय जहां राजद से जुड़े थे, वहीं वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे। ऐसे में उनकी हत्या के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस मामले में किसी राजनीतिक साजिश की पुष्टि नहीं की है।
इलाके में दहशत और आक्रोश
राजकुमार राय की हत्या से राघोपुर और पटना में उनके समर्थकों में गुस्सा है। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल और उनके घर के बाहर जुटे। लोगों ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजधानी में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अपराधी खुलेआम वारदात को अंजाम देकर भाग निकलते हैं।
सरकार और प्रशासन पर दबाव
बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच यह वारदात कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। विपक्ष पहले से ही राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता रहा है, और अब इस हाई-प्रोफाइल हत्या ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
राजकुमार राय का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक गांव वैशाली जिले के राघोपुर भेजा जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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