पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया अनुमंडल अंतर्गत बैरिया प्रखंड से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। उच्च माध्यमिक विद्यालय ओझवलिया में कक्षा-9 के दो छात्रों के साथ कथित रूप से की गई बर्बर मारपीट को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायत मिलने के बाद डीपीओ समग्र शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा-साक्षरता गार्गी कुमारी ने आरोपित दो शिक्षकों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है।
यह घटना 6 दिसंबर की बताई जा रही है।
डकार लेने पर भड़के शिक्षक, छात्रों की बेरहमी से पिटाई का आरोप
डीपीओ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पटखौली परती टोला, बैरिया निवासी मो. सैयद हुसैन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया है कि कक्षा के दौरान डकार लेने की बात को लेकर शिक्षक सुनील कुमार पाल और संदीप कुमार राय ने कक्षा-9 के दो छात्रों को जबरन बाहर निकाल दिया। आरोप है कि दोनों छात्रों को टाइल्स लगी जमीन पर पटक दिया गया और फिर बेरहमी से पीटा गया।
पीड़ित छात्रों का आरोप—गुहार लगाते रहे, लेकिन पिटाई जारी रही
पीड़ित छात्रों ने बताया कि उन्होंने बार-बार मारपीट न करने की गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद शिक्षक नहीं रुके। छात्रों का यह भी आरोप है कि दोनों शिक्षकों ने प्रधानाध्यापक से उन्हें विद्यालय से निष्कासित करने की सिफारिश भी की। घटना के समय विद्यालय में अन्य शिक्षक मौजूद थे, लेकिन दबंगई के कारण वे मूकदर्शक बने रहे और छात्रों को बचाने का साहस नहीं कर सके।
DPO ने लिया संज्ञान, आचरण संहिता और RTE का उल्लंघन बताया
एक अखबार के अनुसार, डीपीओ गार्गी कुमारी ने इस पूरे मामले को अध्यापक आचरण संहिता और शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को नुकसान पहुंचाती हैं और छात्रहित के विरुद्ध हैं। डीपीओ ने दोनों शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे आरोपों के प्रत्येक बिंदु पर साक्ष्य सहित अपना पक्ष तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करें।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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