बिहार की राजधानी पटना में शहरी परिवहन को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर में अल्ट्रापॉड्स पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) प्रणाली का निर्माण किया जाएगा। करीब 296 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह हाई-टेक परिवहन व्यवस्था अगले 15 महीनों के भीतर पूरी करने की योजना है। इस परियोजना से पटना के लोगों को तेज, सुरक्षित और स्मार्ट यात्रा का नया विकल्प मिलेगा।
क्या है अल्ट्रापॉड्स PRT प्रणाली
Personal Rapid Transit (PRT) एक आधुनिक और स्वचालित परिवहन प्रणाली है, जिसमें छोटे-छोटे पॉड या कैप्सूल जैसे वाहन विशेष ट्रैक पर चलते हैं। ये पॉड बिना ड्राइवर के स्वचालित रूप से संचालित होते हैं और एक समय में सीमित यात्रियों को लेकर सीधे उनके गंतव्य तक पहुंचाते हैं।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
- कुल लागत: 296 करोड़ रुपये
- निर्माण अवधि: करीब 15 महीने
- स्वचालित पॉड आधारित ट्रांसपोर्ट सिस्टम
- ट्रैफिक जाम से राहत
- प्रदूषण कम करने में मदद
- यात्रियों के लिए तेज और सुरक्षित सफर
कैसे काम करेगी यह प्रणाली
इस प्रणाली में इलेक्ट्रिक पॉड्स ऊंचे ट्रैक या विशेष लेन पर चलेंगे। यात्री स्टेशन से पॉड बुक करेंगे और पॉड उन्हें बिना बीच में रुके सीधे उनके गंतव्य तक पहुंचाएगा। इससे यात्रा का समय काफी कम होगा।
शहर के ट्रैफिक को मिलेगा समाधान
पटना में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह सिस्टम लागू होने के बाद शहर में सार्वजनिक परिवहन का एक नया और आधुनिक मॉडल तैयार होगा।
स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़ा कदम
यह योजना Patna Smart City Limited के तहत शहर को स्मार्ट और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इसके लागू होने के बाद पटना देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकता है जहां इस तरह की आधुनिक परिवहन प्रणाली उपलब्ध होगी।
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