पटना: बिहार सरकार ने संविदा पर कार्यरत विशेष सर्वे कर्मियों को हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर लौटने के लिए दो बार औपचारिक मौका दिया। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में कर्मचारी डटे रहे। हालांकि सरकार की चेतावनी के बाद अब तक 3295 कर्मियों ने काम पर वापसी कर ली है।
सरकार की दो स्पष्ट डेडलाइन
भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार:
“पहले 30 अगस्त 2025 को शाम 5 बजे तक कर्मियों को ड्यूटी पर लौटने का मौका दिया गया था। इसके बाद एक और अंतिम अवसर 3 सितंबर 2025 की शाम 5 बजे तक प्रदान किया गया।”
इन दोनों डेडलाइन के बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि अब और रियायत नहीं दी जाएगी।
कितने कर्मचारी लौटे?
- तय समय सीमा के भीतर 3295 संविदा कर्मियों ने हड़ताल छोड़कर पुनः ड्यूटी जॉइन कर ली है।
- ये आंकड़ा बताता है कि सरकार की सख्ती के बाद अब कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर सजग हो रहे हैं।
बाकी के लिए अब क्या?
- सरकार अब शेष बचे हड़ताली कर्मियों पर और कठोर कार्रवाई कर सकती है।
- संकेत हैं कि सरकार या तो नई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू करेगी, या फिर अन्य माध्यमों से काम को आगे बढ़ाएगी, ताकि भूमि राजस्व महाभियान प्रभावित न हो।
सरकार का संदेश साफ:
“कर्तव्य से विमुख रहने वाले कर्मियों के लिए अब कोई और अवसर नहीं। जिन्होंने तय समय तक वापसी नहीं की, उन्हें सेवा से बाहर किया जा सकता है।”
पृष्ठभूमि संक्षेप में:
- हड़ताल शुरू: 16 अगस्त 2025
- मांगें: सेवा स्थायीत्व, मानदेय वृद्धि, नियमितीकरण
- कार्रवाई: 100+ कर्मचारियों की बर्खास्तगी, दो वापसी की डेडलाइन
- ड्यूटी पर लौटे: 3295 कर्मी (03 सितंबर तक)
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