सीतामढ़ी (बिहार): बिहार के सीतामढ़ी जिले में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। अब हालात यह हो गए हैं कि आमजन खासकर महिलाएं खुद को कहीं भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। ताजा मामला जिले के पुपरी नगर परिषद क्षेत्र का है, जहां गणपति पूजा देखने निकली एक युवती का अपहरण कर लिया गया।
कब और कैसे हुआ अपहरण?
घटना 27 अगस्त 2025 की रात करीब 8:30 बजे की है।
पीड़ित युवती अपनी माँ से कहकर वार्ड नंबर 12 स्थित गणपति पूजा पंडाल देखने गई थी। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उसे आसपास ढूंढना शुरू किया।
लेकिन युवती का कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन जानकारी मिलने पर परिजन पुपरी थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
प्राथमिकी में किसका नाम आया?
अपहृत युवती की मां ने पुलिस को जिन लोगों के नाम बताए हैं, वे सभी नानपुर थाना क्षेत्र के सिरसी गांव के रहने वाले हैं। जिन पर अपहरण का आरोप लगाया गया है, वे हैं:
- आर्यन कुमार
- निशांत कुमार
- इनके पिता: संजय साह
- आर्यन के दादा: चंदेश्वर साह
- मनीष कुमार
- अमित कुमार
- एवं अन्य अज्ञात लोग
गवाहों के बयान और चौंकाने वाला दावा
कुछ स्थानीय लोगों ने पीड़िता की मां को बताया कि:
“मनीष कुमार ने युवती का गमछा से मुंह बांधा था, वह बेहोशी की हालत में थी और उसे कहीं ले जाया गया।”
पीड़िता की मां को पूरा विश्वास है कि:
“उसकी बेटी को या तो हत्या करने की नीयत से या फिर बेचने के उद्देश्य से अपहरण किया गया है।”
मोबाइल नहीं, संपर्क नहीं — बढ़ी चिंता
- युवती के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था, जिससे उसका पता लगाया जा सके।
- इस कारण परिजनों की चिंता और बढ़ गई है क्योंकि किसी भी प्रकार की लोकेशन ट्रैकिंग संभव नहीं हो पा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति
पुपरी थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
- सभी आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
- पुलिस का कहना है कि जल्द ही युवती को बरामद कर लिया जाएगा।
हालांकि, परिजन अब भी प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और तेजी से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, कानून व्यवस्था पर सवाल
सीतामढ़ी में लगातार बढ़ते अपराध, खासकर महिलाओं के खिलाफ, समाज में डर और असंतोष फैला रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है:
“बिहार सरकार को अब यूपी मॉडल यानी योगी सरकार की तर्ज पर अपराधियों पर कड़ा एक्शन लेना चाहिए, तभी हालात सुधर सकते हैं।”
महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
- सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली महिलाओं से चेन स्नैचिंग,
- दिनदहाड़े किडनैपिंग,
- और अब पूजा जैसे धार्मिक आयोजनों में भी सुरक्षा नहीं — ये दर्शाता है कि महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थान भी असुरक्षित हो गए हैं।
परिजनों की गुहार: बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए
पीड़िता की मां ने प्रशासन से द्रवित स्वर में अपील की है:
“मुझे मेरी बेटी वापस चाहिए। वो निर्दोष है, किसी ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी है। कृपया उसे ढूंढ निकालिए।”
आगे क्या?
- पुलिस की टीमें सक्रिय रूप से आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
- CCTV, लोकल इनफॉर्मर और कॉल डिटेल जैसे तकनीकी साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं।
निष्कर्ष:
सीतामढ़ी की यह घटना एक बार फिर बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को उजागर करती है।
जब तक ऐसे मामलों में तीव्र कार्रवाई और कठोर दंड नहीं होगा, तब तक आमजन का भरोसा तंत्र पर नहीं लौटेगा।
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