नई दिल्ली/रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren को जमीन घोटाला मामले में बड़ी राहत मिली है। Supreme Court of India ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस की सुनवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने इस मामले में ED को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने सोरेन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया। सोरेन ने अपनी याचिका में मामले को रद्द करने की मांग की है और ED द्वारा बार-बार समन जारी किए जाने को भी चुनौती दी है।
हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में Jharkhand High Court के हालिया फैसले को भी चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद सोरेन ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया।
क्या है मामला?
यह मामला कथित झारखंड जमीन घोटाले से जुड़ा है। ED का आरोप है कि मुख्यमंत्री रहते हुए सोरेन ने अपने पद का दुरुपयोग कर जमीन के कुछ प्लॉट्स पर अवैध कब्जा किया। जांच एजेंसी के अनुसार, कथित रूप से हड़पी गई जमीन में सेना और आदिवासी समुदाय की भूमि भी शामिल है।
ED ने सोरेन को पूछताछ के लिए कई बार समन भेजे थे। समन के बावजूद पेश न होने पर एजेंसी ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। बाद में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया और वे करीब 149 दिनों तक जेल में रहे।
विशेष अदालत में संज्ञान
इस मामले में ED द्वारा दायर शिकायत पर विशेष सांसद-विधायक (MP-MLA) अदालत ने संज्ञान लिया था। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट 15 जनवरी को मामले को रद्द करने से इनकार कर चुका था, जिससे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता को झटका लगा था।
हालिया आदेश में शीर्ष अदालत ने फिलहाल निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाकर सोरेन को अंतरिम राहत दी है। अब ED को नोटिस का जवाब दाखिल करना होगा, जिसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला झारखंड की सियासत में बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
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