बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर: राज्यसभा जाएंगे नीतीश? निशांत की एंट्री टली, बीजेपी ने आगे बढ़ाए तीन नाम

बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर: राज्यसभा जाएंगे नीतीश? निशांत की एंट्री टली, बीजेपी ने आगे बढ़ाए तीन नाम

बिहार की राजनीति में गुरुवार (5 मार्च) को दिनभर जबरदस्त हलचल देखने को मिली। शाम से लेकर देर रात तक चली बैठकों और अंदरूनी रणनीति ने सियासी गलियारों में कई बड़े संकेत दे दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, घटनाक्रम तेजी से बदला और अब राज्य की सत्ता को लेकर नई तस्वीर बनती दिखाई दे रही है।

शाम 6 बजे तक क्या चला पर्दे के पीछे
सूत्रों के अनुसार, शाम करीब 6 बजे तक JDU के कई दिग्गज नेताओं की एक अहम बैठक हुई। यह बैठक केंद्र से जुड़े एक वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार के एक मंत्री के आवास पर हुई।
इस बैठक में मुख्य रणनीति यही थी कि Nitish Kumar को राज्यसभा भेजा जाए, ताकि केंद्र में बिहार की आवाज और मजबूत की जा सके।
बताया जा रहा है कि इसी रणनीति के तहत उनके लिए राज्यसभा नामांकन फॉर्म भी मंगवाया गया और उसे भर भी दिया गया। लेकिन शाम करीब 6 बजे तक मुख्यमंत्री इस पर हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं थे। पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं और बिहार छोड़ने की टीस को लेकर वे खुद भी असमंजस में थे।
रात में बदला माहौल
रात में JDU के कई वरिष्ठ नेताओं ने लंबी बातचीत के बाद आखिरकार नीतीश कुमार को मना लिया। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अंततः राज्यसभा जाने के लिए सहमति दे दी।
इस फैसले के बाद JDU के अंदर दो तरह का माहौल बन गया—
एक खेमा इसे नई रणनीति मानकर खुश है
जबकि दूसरा खेमा चाहता था कि नीतीश ही बिहार की कमान संभाले रखें
निशांत कुमार की एंट्री लगभग टली
इस घटनाक्रम का असर Nishant Kumar की राजनीति में एंट्री पर भी पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक 5 मार्च को JDU में उनकी औपचारिक जॉइनिंग की तैयारी थी, लेकिन अब इसे लगभग टाल दिया गया है।
कारण यह बताया जा रहा है कि पार्टी के कई कार्यकर्ता अभी नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से मायूस हैं। ऐसे माहौल में निशांत की भव्य एंट्री वैसी नहीं हो पाती जैसी योजना बनाई गई थी। इसलिए फिलहाल उनके ‘राजतिलक’ को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है।
बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन?
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की स्थिति में अब सबसे बड़ा सवाल बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर है। सूत्रों के अनुसार बीजेपी नेतृत्व ने तीन नाम आगे बढ़ाए हैं—
Dilip Jaiswal
Samrat Choudhary (उपमुख्यमंत्री)
Nityanand Rai (लोकसभा सांसद)
हालांकि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व की सहमति से होगा। यदि इन तीनों नामों पर पूरी सहमति नहीं बनती है, तो कोई नया चेहरा भी सामने आ सकता है।


आज साफ हो सकती है तस्वीर
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि 5 मार्च को बिहार की राजनीति में छाई धुंध काफी हद तक साफ हो सकती है। राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया और नए नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला होने की उम्मीद है।
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