होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव: ईरान ने भारतीय टैंकरों को मंजूरी से किया इनकार,

होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव: ईरान ने भारतीय टैंकरों को मंजूरी से किया इनकार,

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नई अनिश्चितता पैदा हो गई है। ईरान ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि उसने भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों को इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दे दी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान का कहना है कि भारत के जहाजों को कोई विशेष मंजूरी नहीं दी गई है, जबकि इससे पहले भारतीय सूत्रों ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची की बातचीत के बाद ऐसी सहमति बनने का दावा किया था।

मुख्य खबर:
रॉयटर्स के अनुसार ईरानी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल चीन से जुड़े तेल टैंकरों को ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति है। चीन ईरान से बड़ी मात्रा में तेल खरीद रहा है, जिससे तेहरान को आर्थिक लाभ मिल रहा है।

ईरान ने यह भी शर्त रखी है कि जो देश अपने यहां से इजरायल के राजदूत को निष्कासित करेगा, उसे ही इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने की मंजूरी दी जाएगी। हालांकि इस ताजा बयान पर भारत की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इससे पहले भारतीय सूत्रों ने दावा किया था कि भारत के झंडे वाले टैंकर ‘पुष्पक’ और ‘परिमल’ सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे हैं। वहीं अमेरिका, यूरोप और इजरायल से जुड़े जहाजों को इस मार्ग पर पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है।

मुंबई पहुंचा सऊदी तेल लेकर आया टैंकर
इसी बीच सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर निकला लाइबेरिया के झंडे वाला टैंकर ‘शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स’ सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार कर मुंबई पोर्ट पहुंच गया है। जहाज के कप्तान भारतीय बताए जा रहे हैं। यह टैंकर 1 मार्च को सऊदी अरब के रास तनुरा पोर्ट से तेल लोड कर रवाना हुआ था।

समुद्री ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक जहाज की आखिरी लोकेशन 8 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट के भीतर दर्ज की गई थी। इसके सुरक्षित पार होने से भारत में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पैदा हुई आशंकाओं में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

फंसे हुए हैं कई भारतीय जहाज
हालांकि स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग के अनुसार, क्षेत्र में तनाव शुरू होने के बाद से कम से कम 28 भारतीय झंडे वाले जहाज होर्मुज स्ट्रेट या उसके आसपास मौजूद थे। इनमें से आठ जहाज अब सुरक्षित जलक्षेत्र में पहुंच चुके हैं।

हाल के दिनों में ‘देश महिमा’, ‘देश अभिमान’, ‘स्वर्ण कमल’, ‘विश्व प्रेरणा’, ‘जग विराट’, ‘जग लोकेश’ और ‘एलएनजीसी असीम’ जैसे जहाज स्ट्रेट पार कर अरब सागर में पहुंच गए हैं, जबकि ‘जग लक्ष्य’ अंगोला की ओर रवाना हो गया है।

क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। भारत अपने आधे से अधिक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात के लिए इसी संकरे समुद्री कॉरिडोर पर निर्भर है। ऐसे में क्षेत्र में जारी तनाव का असर सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है।

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