पुलिस-डॉक्टर समन्वय से सुलझेंगी अपराध की गुत्थियां
“सही सैंपल और वैज्ञानिक जांच ही दिलाएगी सटीक न्याय”
पटना। फॉरेंसिक मेडिसिन दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, चिकित्सकों एवं एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) विशेषज्ञों ने आपराधिक जांच में आने वाली चुनौतियों, कानूनी पहलुओं और वैज्ञानिक साक्ष्य संरक्षण पर गहन मंथन किया। कार्यक्रम में जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और वैज्ञानिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे Dr. Aman Kumar ने कहा कि कई मामलों में पुलिस और डॉक्टरों के बीच समन्वय की कमी तथा साक्ष्यों के संरक्षण में लापरवाही के कारण जांच प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम पुलिस, डॉक्टरों और एफएसएल टीम के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर सीआईडी एडीजी पारस नाथ ने ने कहा कि यदि पुलिस और डॉक्टर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें, तो अपराध की गुत्थियों को सुलझाना काफी आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एफएसएल टीम को यदि सही और वैज्ञानिक तरीके से एकत्रित सैंपल उपलब्ध कराए जाएं, तो जांच अधिक सटीक और प्रभावी हो सकती है।
उन्होंने कहा, “सही सैंपल ही सही जांच की सबसे मजबूत कड़ी है।”
वहीं Dr. Vinay Kumar ने कहा कि कई बार पुलिस द्वारा डॉक्टरों को उपलब्ध कराए गए साक्ष्य अधूरे होते हैं, जिससे सही निष्कर्ष निकालने में कठिनाई आती है। उन्होंने कहा कि अधूरे साक्ष्यों के कारण मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने में भी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि साक्ष्य संग्रह वैज्ञानिक तरीके से किया जाए, तो जांच अधिक विश्वसनीय और निष्पक्ष होगी।
पुस्तक का विमोचन बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान “Medico Legal Update on Assisted Reproductive: Indian Perspective” पुस्तक का विमोचन भी किया गया। पुस्तक का विमोचन Brigadier Dr. Raju Agarwal ने किया।
इस अवसर पर एडीजी Paras Nath, एचओडी Dr. Amit Patil, Dr. Ashok Rastogi, Dr. Nawal Kumar, Dr. Sanjay Pandey सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक, पुलिस अधिकारी एवं एफएसएल विशेषज्ञ मौजूद रहे। कार्यक्रम में चिकित्सा एवं न्यायिक जांच से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव भी साझा किए।
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