AIIMS पटना के हर्बल गार्डन की नई पहल: एलोपैथी और आयुर्वेद का अनूठा संगम

AIIMS पटना के हर्बल गार्डन की नई पहल: एलोपैथी और आयुर्वेद का अनूठा संगम


पटना, 7 अक्टूबर 2026।
AIIMS पटना में विकसित किया गया हर्बल गार्डन आज संस्थान की एक विशिष्ट पहचान बनता जा रहा है। यह पहल आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सा के साथ आयुर्वेदिक ज्ञान के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। हर्बल गार्डन न केवल परिसर की सुंदरता बढ़ा रहा है, बल्कि औषधीय पौधों के प्रति लोगों में जागरूकता भी फैला रहा है।
वर्तमान में इस हर्बल गार्डन में 53 प्रकार के औषधीय एवं हर्बल पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों के औषधीय गुणों की जानकारी मरीजों, उनके परिजनों तथा कर्मचारियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को समझने के लिए प्रेरित कर रही है।
हर्बल गार्डन की हरियाली और सुगंधित वातावरण AIIMS पटना के परिसर को एक अलग पहचान प्रदान कर रहे हैं। आगंतुकों का मानना है कि इस प्राकृतिक वातावरण की शांति और सुगंध मानसिक तनाव को कम करने में सहायक है तथा स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक भावना उत्पन्न करती है।


इस हर्बल गार्डन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि यह उपलब्धि AIIMS पटना केनिदेशक, ब्रिगेडियर डॉ. राजू अग्रवालके मार्गदर्शन और नेतृत्व में संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि हर्बल गार्डन का विकास अभी जारी है और भविष्य में इसमें और अधिक औषधीय पौधे तथा जन-जागरूकता से जुड़े नए आयाम जोड़े जाएंगे।


डॉ. अजीत कुमार ने कहा कि आयुर्वेद और एलोपैथी दोनों चिकित्सा पद्धतियां अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण हैं। हर्बल गार्डन का उद्देश्य लोगों को औषधीय पौधों के महत्व से परिचित कराना तथा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है।


उल्लेखनीय है कि AIIMS पटना में चल रहे स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण अभियानों के अंतर्गत इस हर्बल गार्डन की विशेष सराहना कायाकल्प मूल्यांकन टीम द्वारा भी की गई है। टीम ने परिसर में विकसित हरित एवं औषधीय वातावरण को संस्थान की सकारात्मक पहल बताया।
AIIMS पटना का यह हर्बल गार्डन चिकित्सा, पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता का एक सफल उदाहरण बनकर उभर रहा है तथा आने वाले समय में इसके और विस्तार की योजना है।

Views: 28