झारखंड स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर बेतला में होगा शानदार कव्वाली मुकाबला, मुंबई के स्टार कव्वाल रईस अनीस शाबरी और सलमान अली बढ़ाएंगे कार्यक्रम की शान

झारखंड स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर बेतला में होगा शानदार कव्वाली मुकाबला, मुंबई के स्टार कव्वाल रईस अनीस शाबरी और सलमान अली बढ़ाएंगे कार्यक्रम की शान

बरवाडीह: झारखंड स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ इस बार और भी खास होने जा रही है। राज्य के सांस्कृतिक इतिहास में पहली बार बेतला के पोखरी कला (अखरा) में इतनी भव्यता के साथ कव्वाली मुकाबले का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 19 नवंबर 2025 (बुधवार) की शाम पूरी तरह संगीत, सूफियाना अंदाज़ और रूहानी तरानों के नाम होगी, जब संध्या 7 बजे से शानदार कव्वाली मुकाबला शुरू होगा।

कार्यक्रम में शामिल होंगे झारखंड के बड़े दिग्गज नेता

इस ऐतिहासिक मौके पर झारखंड सरकार के कई दिग्गज नेता एक साथ मंच साझा करेंगे, जिनमें शामिल हैं—

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी

वित्त मंत्री राधाकृष्णन किशोर

पूर्व राज्यसभा सांसद एवं लातेहार जिला प्रभारी धीरज प्रसाद साहू

पूर्व मंत्री एवं लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव

मनिका विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक एवं झारखंड विधानसभा सभापति रामचन्द्र सिंह

इन नेताओं की उपस्थिति कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाने वाली है। स्थापना दिवस के अवसर पर यह एकता, संस्कृति और उत्सव का दुर्लभ संगम देखने को मिलेगा।

स्टार परफॉर्मर्स: रईस अनीस शाबरी और सलमान अली करेंगे रंग जमाने की तैयारी

कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत है मुंबई के दो मशहूर सितारों की मौजूदगी—
सुप्रसिद्ध कव्वाल रईस अनीस शाबरी
प्रसिद्ध सिंगर सलमान अली

दोनों कलाकार अपनी जादुई आवाज़ और दमदार मंच प्रस्तुति के लिए जाने जाते हैं। उनके आने से यह कव्वाली रात पूरी तरह रूहानी, उत्साहपूर्ण और यादगार बनने वाली है। दर्शक सूफियाना अंदाज़ में डूबने को तैयार हैं।

स्थानीय संस्कृति और उत्साह का मिलन

बेतला का अखरा पहले ही लोक-संस्कृति का केंद्र रहा है। ऐसे जगह पर राज्य स्थापना दिवस का जश्न मनाना अपने आप में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संकेत है। ग्रामीण और शहरी दर्शकों का उत्साह इस बार आसमान छू रहा है, क्योंकि यह आयोजन सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का भव्य उत्सव बनकर उभर रहा है।

आयोजकों की अपील: “आइए इस ऐतिहासिक शाम को यादगार बनाएं”

आयोजक समिति ने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हों और इस भव्य कव्वाली मुकाबले का आनंद लें। समिति का कहना है कि झारखंड स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ को “ऐतिहासिक, अविस्मरणीय और सांस्कृतिक रूप से चमकदार” बनाने की जिम्मेदारी हम सबकी है।


19 नवंबर की रात बेतला में सिर्फ संगीत नहीं बजेगा—
बजेगा गर्व, संस्कृति, एकता और झारखंड की नई पहचान का सुर।

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