“पहले अपने घर में झांकें सम्राट भैया” — खेसारी लाल यादव का पलटवार, बोले: “अब बिहार में शुरुआत से शुरुआत करनी है”

“पहले अपने घर में झांकें सम्राट भैया” — खेसारी लाल यादव का पलटवार, बोले: “अब बिहार में शुरुआत से शुरुआत करनी है”

पटना, 25 अक्तूबर।
बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य की सियासत में जुबानी जंग तेज होती जा रही है। नेताओं के तीखे बयान और उनके जवाब अब चुनावी माहौल को और गरमाने लगे हैं। इसी कड़ी में भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार और छपरा विधानसभा सीट से राजद प्रत्याशी खेसारी लाल यादव सुर्खियों में हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के “नाचने वाला” वाले तंज पर जोरदार पलटवार किया है।

दरअसल, हाल ही में सम्राट चौधरी ने एक चुनावी सभा में कहा था कि अब “नाचने वाले भी राजनीति में आ गए हैं।” इस टिप्पणी को लेकर राजद प्रत्याशी खेसारी लाल यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पहले सम्राट भैया अपने घर में झांककर देखें और बताएं कि उन्होंने अपनी पार्टी में चार ‘नचनिया’ को टिकट क्यों दिया है? सम्राट भैया मेरे बड़े भाई जैसे हैं। मुझे उनका आशीर्वाद चाहिए। वो जैसे माहौल से आते हैं, वैसे ही बोलते हैं। लेकिन मेरी परवरिश ऐसी नहीं है कि मैं किसी के बारे में गलत कहूं।”

खेसारी लाल यादव ने स्पष्ट कहा कि उनका मकसद सिर्फ राजनीति करना नहीं है, बल्कि बिहार के विकास की नई शुरुआत करना है। उन्होंने कहा, “हम मरते दम तक बिहार के विकास के लिए काम करेंगे। मैं अपने क्षेत्र छपरा का चेहरा बदल दूंगा। आज भी बिहार के कई इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। हमें सब कुछ शुरुआत से शुरुआत करनी होगी।”

खेसारी ने यह भी कहा कि वह इस चुनाव को जनता की भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। “लोग मुझे कलाकार के रूप में जानते हैं, लेकिन अब मैं जनता का सेवक बनकर आया हूं। बिहार के हर नौजवान के भीतर जो ऊर्जा है, मैं उसे दिशा देना चाहता हूं,” उन्होंने कहा।

भोजपुरी गानों में अश्लीलता के सवाल पर खेसारी ने सफाई देते हुए कहा, “यह सिर्फ मनोरंजन है। मेरे गानों का राजनीति या विकास से कोई लेना-देना नहीं है। लोगों को हंसी, खुशी और मनोरंजन चाहिए, और मैं वही करता हूं। लेकिन राजनीति में आने का मेरा मकसद जनता के बीच रहकर उनके जीवन में बदलाव लाना है।”

बिहार की राजनीति में खेसारी लाल यादव की एंट्री से छपरा सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यह सीट पारंपरिक रूप से राजनीतिक रूप से सक्रिय रही है, लेकिन इस बार एक फिल्म स्टार के मैदान में उतरने से मुकाबले में उत्सुकता बढ़ गई है। राजद की ओर से उम्मीदवार बनाए गए खेसारी ने प्रचार की शुरुआत जनता के बीच पैदल यात्रा और जनसंवाद से की है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि खेसारी लाल यादव जैसे लोकप्रिय चेहरे का राजनीति में उतरना राजद के लिए बड़ा प्रयोग साबित हो सकता है। उनकी लोकप्रियता ग्रामीण और युवा मतदाताओं में खास प्रभाव डाल सकती है। वहीं भाजपा और एनडीए इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की कोशिश में हैं।

भोजपुरी स्टार से नेता बने खेसारी लाल यादव के तेवरों से साफ है कि वे अब मनोरंजन के मंच से निकलकर जनता के विकास की राजनीति में गंभीर भूमिका निभाना चाहते हैं। उनके शब्दों में —

“हम सिर्फ गाना नहीं, अब बिहार में विकास का सुर छेड़ने आए हैं।”

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