बिहार चुनाव 2025: कांग्रेस की रणनीतिक बैठक के बाद महागठबंधन को लेकर हलचल तेज, ओवैसी की पार्टी पर साफ किया रुख

बिहार चुनाव 2025: कांग्रेस की रणनीतिक बैठक के बाद महागठबंधन को लेकर हलचल तेज, ओवैसी की पार्टी पर साफ किया रुख

नई दिल्ली/पटना, 10 सितंबर — बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां तेज़ हो चुकी हैं और इसी कड़ी में मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस की एक अहम बैठक हुई। बैठक के बाद महागठबंधन की रणनीति और संभावित नए सहयोगियों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अलावरू ने साफ शब्दों में कहा कि एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को महागठबंधन में शामिल करने की चर्चा से कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि ओवैसी ने इस सिलसिले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखा है।

“यह पत्र लालू जी को लिखा गया है, इसलिए इस पर स्पष्टीकरण वही देंगे। कांग्रेस का इससे कोई संबंध नहीं है,” — कृष्णा अलावरू, बिहार कांग्रेस प्रभारी

पारस और जेएमएम को लेकर संकेत मिले सकारात्मक

कांग्रेस नेता ने आगे बताया कि पशुपति कुमार पारस की पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को महागठबंधन में शामिल करने को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने संकेत दिया कि इस विषय पर जल्द ही औपचारिक घोषणा की जा सकती है।

महागठबंधन की रणनीति में बड़ा फेरबदल?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी की पार्टी को लेकर कांग्रेस के सख्त रुख से यह साफ है कि वह ध्रुवीकरण की राजनीति से दूरी बनाकर चलना चाहती है। वहीं पारस और जेएमएम जैसे दलों को साथ लाकर कांग्रेस बिहार में एक विस्तृत सामाजिक समीकरण तैयार करना चाहती है।

चुनावी अखाड़े में अब कौन-कौन?

  • कांग्रेस: साफ संकेत कि गठबंधन में ‘सेक्युलर’ ताकतों को प्राथमिकता
  • राजद: केंद्रीय भूमिका में, ओवैसी के पत्र पर क्या रुख अपनाते हैं, यह अहम
  • JMM और पारस की पार्टी: जल्द हो सकती है आधिकारिक एंट्री
  • AIMIM: खुद को गठबंधन में शामिल करवाने की कोशिशें जारी

बिहार में आगामी चुनाव महज सीटों का खेल नहीं बल्कि गहराई से बुन रही जा रही सामाजिक-राजनीतिक रणनीतियों की लड़ाई बन चुका है। आने वाले दिनों में गठबंधन की यह राजनीति और दिलचस्प मोड़ ले सकती है।

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