बीच रास्ते में कैंसिल हुई टाटा–पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, कुर्मी आंदोलन से रेल यात्री बेहाल

बीच रास्ते में कैंसिल हुई टाटा–पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, कुर्मी आंदोलन से रेल यात्री बेहाल

रांची: झारखंड में कुर्मी समुदाय के रेल रोको आंदोलन ने यात्रियों को भारी परेशानी में डाल दिया। आंदोलनकारियों ने शनिवार को पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला रेलवे स्टेशन पर हावड़ा–पुणे दुरंतो एक्सप्रेस को रोक दिया। वहीं, टाटा–पटना वंदे भारत एक्सप्रेस को बीच रास्ते मुरी स्टेशन पर रद्द करना पड़ा। आंदोलनकारियों की मांग है कि कुर्मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी में शामिल किया जाए।

प्रदर्शन के कारण हजारों यात्री विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर फंसे हुए हैं। पुणे जा रही 61 वर्षीय मालती घोष ने बताया कि उनकी बेटी बीमार है और उन्हें जल्द से जल्द वहां पहुंचना है, लेकिन ट्रेन कब चलेगी इसकी कोई जानकारी नहीं है। वहीं भागलपुर की शैलजा सिंह अपने बीमार पोते से मिलने रायपुर जा रही थीं, पर आंदोलन के चलते बीच रास्ते में फंस गईं।

रांची के मुरी स्टेशन पर भी यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। गयाजी पितृ तर्पण अनुष्ठान के लिए जा रहे समीर दास और पटना पहुंचने की जल्दी में सेवानिवृत्त दूरसंचार कर्मचारी बिपिन बिहारी द्विवेदी जैसे कई यात्री वंदे भारत के रद्द होने से निराश नजर आए।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुचि सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के कारण ट्रेन परिचालन प्रभावित हुआ है। यात्रियों को उनके मूल स्टेशन पर ले जाने की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। रेलवे के मुताबिक, आंदोलन के चलते दक्षिण पूर्व रेलवे और पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद मंडल में ट्रेन सेवाएं आंशिक रूप से बाधित हुई हैं। अब तक कम से कम तीन ट्रेनों को रद्द, एक को बीच में ही समाप्त और चार अन्य को रोकना पड़ा है।

झारखंड में कुर्मी आंदोलन के चलते रेल यात्री दिनभर फंसे रहे और उनकी यात्राएं अधूरी रह गईं। कई यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर पहले से विरोध प्रदर्शन की जानकारी थी तो रेलवे को इस स्तर पर ट्रेनों का संचालन नहीं करना चाहिए था।

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