तेजस्वी की ब्रांडिंग का कमाल, 2023 में बिहार पहुँचे रिकॉर्डतोड़ पर्यटक

तेजस्वी की ब्रांडिंग का कमाल, 2023 में बिहार पहुँचे रिकॉर्डतोड़ पर्यटक

पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाया और पर्यटन क्षेत्र में हुए विकास को राज्य की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बिहार जितना समृद्ध ऐतिहासिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों से भरा हुआ है, उतना कोई अन्य राज्य नहीं है। इसी कारण बिहार पर्यटन की संभावनाएं असीमित हैं।

तेजस्वी यादव ने अभिनेता-गायक खेसारी लाल यादव की उस बात का समर्थन किया जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार का कोई सानी नहीं है। तेजस्वी ने बताया कि उनकी 17 महीनों की सरकार के दौरान उन्होंने गैर-जरूरी समझे जाने वाले पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी खुद ली और इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि अक्सर पर्यटन विभाग को कम महत्त्व का माना जाता था, लेकिन उन्होंने इसे राज्य की आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति के एक बड़े अवसर के रूप में देखा।

उन्होंने कहा कि जब उन्होंने विभाग संभाला तो देश-विदेश में बिहार के पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग और प्रमोशन को प्राथमिकता दी। बौद्ध, जैन, सिख और हिंदू धर्म से जुड़े कई प्रमुख धार्मिक स्थल बिहार की पहचान हैं। बोधगया, राजगीर, नालंदा, पावापुरी, पटना साहिब, वैशाली, विक्रमशिला जैसे स्थल न केवल भारतीयों बल्कि विदेशियों को भी आकर्षित करते हैं।

तेजस्वी ने बताया कि इस प्रमोशन का असर साफ दिखा। वर्ष 2023 में रिकॉर्ड 8 करोड़ 21 लाख से अधिक देसी-विदेशी पर्यटक बिहार आए। यह बिहार पर्यटन के इतिहास का सबसे बड़ा आंकड़ा है और इसने एक नया मील का पत्थर स्थापित किया। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली और हजारों लोगों को रोजगार का अवसर प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की छवि और सम्मान से जुड़ा हुआ है। जब देश-विदेश का कोई पर्यटक बिहार आता है तो वह यहां की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं से रूबरू होता है। यही अनुभव उसे बार-बार बिहार की ओर खींच लाता है।

तेजस्वी यादव ने यह भी माना कि अभी पर्यटन क्षेत्र में बहुत काम बाकी है। उन्होंने कहा, “हमने एक दिशा तय कर दी है। अब ज़रूरत है कि सब मिलकर इस यात्रा को और आगे बढ़ाएं। बिहार की छवि को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना ही हमारा लक्ष्य है।”

उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन के विकास से न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है, बल्कि यह सीधा-सीधा आम लोगों की आजीविका से जुड़ता है। गांवों और कस्बों में होटल, गाइड, परिवहन और स्थानीय बाजारों की आय में बढ़ोतरी हुई है।

तेजस्वी ने अपने संदेश के अंत में कहा— “बिहार की इस सफलता पर गर्व होना चाहिए। यह हमारी मेहनत और एकजुट प्रयासों का परिणाम है। पर्यटन क्षेत्र में अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है, लेकिन हम सब मिलकर इसे पूरा करेंगे। जय बिहार, जय बिहारी!”

इस तरह तेजस्वी यादव ने पर्यटन क्षेत्र को लेकर अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को सामने रखकर यह संदेश दिया कि सही सोच और प्रतिबद्धता से बिहार को वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।

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