सोने की चमक से झिलमिलाई निवेशकों की आंखें, कीमतों में ऐतिहासिक उछाल के बीच अब भी है निवेश का मौका?

सोने की चमक से झिलमिलाई निवेशकों की आंखें, कीमतों में ऐतिहासिक उछाल के बीच अब भी है निवेश का मौका?

नई दिल्ली:
सोने की चमक इन दिनों सिर्फ बाजारों में ही नहीं, बल्कि निवेशकों की आंखों में भी झलक रही है। बीते कुछ महीनों में गोल्ड की कीमतों में जिस तरह की तेजी देखी गई है, वैसी रफ्तार शायद पहले कभी नहीं देखी गई थी। जो लोग पहले ही निवेश कर चुके थे, वे अब पछता रहे हैं कि काश कुछ और खरीद लिया होता — और जिन्होंने नहीं किया, वो अब ये सोच रहे हैं कि “क्या अभी भी मौका है?”

गोल्ड ईटीएफ बना निवेशकों का नया पसंदीदा

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट बताती है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में वैश्विक गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड $26 अरब डॉलर का निवेश हुआ।

  • अमेरिका: $16 अरब
  • यूरोप: $8 अरब
  • भारत: ₹8000 करोड़ (करीब $902 मिलियन)
  • चीन और जापान भी टॉप निवेशकों में शामिल हैं।

गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) को डिजिटल गोल्ड भी कहा जा सकता है। यह एक म्यूचुअल फंड की तरह काम करता है जो 99.5% शुद्ध सोने की कीमत को ट्रैक करता है। इसकी हर यूनिट लगभग 1 ग्राम सोने के बराबर होती है और स्टॉक मार्केट के जरिए खरीदी-बेची जा सकती है।

गोल्ड ईटीएफ का कुल साइज़ पहुंचा $472 अरब

गोल्ड ETF का यह आकार अब दुनिया के कई देशों की GDP से बड़ा हो चुका है। पिछले साल की तुलना में यह 23% की बढ़ोतरी दर्शाता है, जो निवेशकों की गोल्ड में बढ़ती आस्था का संकेत है।

सेंट्रल बैंकों की तगड़ी खरीदारी

गोल्ड की डिमांड बढ़ने की एक बड़ी वजह दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों की आक्रामक खरीदारी भी है।

  • अगस्त 2024 में ही 15 टन सोना खरीदा गया, जिसमें कजाखस्तान, बुल्गारिया और अल सल्वाडोर जैसे देश सबसे आगे रहे।
  • भारत, चीन और क़तर जैसे देशों ने भी अपने गोल्ड रिजर्व को मजबूत किया है।

दुनिया में किसके पास सबसे ज्यादा सोना?

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, दिसंबर 2024 तक सबसे ज्यादा गोल्ड रिज़र्व अमेरिका के पास (8133 टन) था। इसके बाद:

  1. जर्मनी – 3351 टन
  2. इटली – तीसरे नंबर
  3. फ्रांस – चौथे
  4. चीन – 2280 टन के साथ पांचवे
  5. भारत – 876 टन के साथ सातवें स्थान पर

तो क्या अब भी है निवेश का सही समय?

गोल्ड में निवेश की सोच रहे लोगों के लिए यह समय “लेट नहीं, लेकिन लास्ट नहीं” हो सकता है। गोल्ड ईटीएफ के ज़रिए डिजिटल और सुरक्षित निवेश का विकल्प खुला है।

निष्कर्ष:
सोने की कीमतें सिर्फ बाज़ार का आंकड़ा नहीं हैं, यह अब वैश्विक अर्थव्यवस्था, रणनीतिक निवेश और लोगों की आस्था का प्रतीक बन चुकी है। और फिलहाल, सोना वाकई चमक रहा है — और निवेशकों के चेहरे भी।

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