रांची, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्थानीय क्षेत्र में आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा में देशभक्ति का जोश चरम पर नजर आया। एनसीसी कैडेट्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा और दिलों में मातृभूमि के प्रति गर्व लिए कैडेट्स ने “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से पूरे मार्ग को गुंजायमान कर दिया।
यात्रा का शुभारंभ और मार्ग
तिरंगा यात्रा का शुभारंभ उत्साहपूर्वक निकाली गई। इस दौरान स्थानीय नागरिक, स्कूली छात्र-छात्राएं, सामाजिक संगठन और कई जनप्रतिनिधि भी यात्रा का हिस्सा बने। रास्ते भर लोगों ने तिरंगे के साथ यात्रा का स्वागत किया और देशभक्ति गीतों पर झूमते नज़र आए।
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा,
“तिरंगा हमारी आन, बान और शान है। यह सिर्फ एक झंडा नहीं, बल्कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। यह यात्रा हमारे वीर सैनिकों को सम्मान देने का एक माध्यम है।”
उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने और तिरंगे की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और उद्देश्य
कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित नाटक, देशभक्ति गीत और नृत्य प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी भावुक बना दिया। आयोजकों के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करना और उन्हें देश के इतिहास और बलिदानों से परिचित कराना था।
समापन राष्ट्रगान के साथ
यात्रा के अंत में सामूहिक राष्ट्रगान हुआ। पूरा आयोजन इस संदेश के साथ समाप्त हुआ कि तिरंगा सिर्फ एक ध्वज नहीं, बल्कि हर भारतीय की आत्मा का प्रतीक है, जिसे सदैव सम्मान और गर्व के साथ फहराना चाहिए।
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