राज्य की चर्चित आय से अधिक संपत्ति (DA) और भ्रष्टाचार जांच में निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। रविवार को ACB की टीम ने रांची के कांके रोड स्थित चौबे के आवास पर उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता से विस्तृत पूछताछ की। पूछताछ में ACB के DIG, SP सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
1.5 करोड़ के लेनदेन पर जवाब गोलमोल
ACB ने स्वप्ना संचिता से वर्ष 2020 से 2023 के बीच उनके निजी बैंक खाते में आए लगभग 1.5 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शनों को लेकर सवाल किए। ये लेनदेन नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के मालिक और शराब व जमीन घोटाले के आरोपी विनय सिंह के खाते से हुए थे।
सूत्रों के अनुसार, स्वप्ना संचिता ने इन वित्तीय लेनदेन से जुड़े अधिकांश सवालों के संतोषजनक उत्तर नहीं दिए और कई बातों पर गोलमोल जवाब दिया। इससे पहले 3 दिसंबर को भी ACB ने उनसे उनके घर पर पूछताछ की थी।
भ्रष्टाचार, फर्जी लेनदेन और अवैध संपत्ति का बड़ा जाल
ACB ने 24 नवंबर को विनय चौबे के खिलाफ एक और FIR दर्ज की थी, जिसमें कुल 7 लोगों को नामजद किया गया है। आरोपियों में शामिल हैं—
- विनय चौबे
- उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता
- उनके मित्र और कारोबारी विनय सिंह
- विनय सिंह की पत्नी संचिता सिंह
- चौबे के साले शिपिज त्रिवेदी
- उनकी पत्नी प्रियांका त्रिवेदी
- चौबे के ससुर एस.एन. त्रिवेदी
FIR में करोड़ों के फर्जी लेनदेन, परिवार और कर्मचारियों के जरिए अवैध संपत्ति इकट्ठा करने तथा भ्रष्टाचार की कई घटनाओं का उल्लेख है। आरोप है कि चौबे और उनके करीबी नेटवर्क के माध्यम से अकूत संपत्ति अर्जित की गई और घोटालों से प्राप्त धन को विभिन्न खातों में रूट किया गया।
इस समय विनय चौबे और विनय सिंह दोनों शराब घोटाले और जमीन घोटाले से जुड़े मामलों में जेल में बंद हैं।
विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह की तलाश तेज
ACB की टीम ने रविवार को बिहार के लखीसराय जिले के नयासराय में कारोबारी विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह की तलाश में कई ठिकानों पर छापेमारी की।
ACB स्निग्धा को इस पूरे भ्रष्टाचार नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानती है। स्निग्धा सिंह को शराब घोटाले और वन भूमि घोटाले के मामलों में पूछताछ के लिए कई नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन वह अब तक ACB के सामने पेश नहीं हुई हैं।
वन भूमि घोटाला विनय चौबे के हजारीबाग उपायुक्त रहते समय से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि उस दौरान स्निग्धा सिंह के नाम पर अवैध रूप से सरकारी वन भूमि की जमाबंदी कराई गई थी। इस मामले में ACB पहले ही विनय चौबे और विनय कुमार सिंह सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
तफ्तीश और कार्रवाई आगे भी जारी
ACB की ताजा पूछताछ और लगातार हो रही छापेमारियों ने पूरे प्रकरण की गंभीरता बढ़ा दी है। एजेंसी अब बैंक खातों, संपत्तियों और संदिग्ध लेनदेन की विस्तृत फोरेंसिक जांच कर रही है।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में चौबे परिवार और अन्य आरोपियों पर और कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं।
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