“नाभि थेरेपी” के चमत्कारी दावों पर फिर चर्चा तेज — जानिए क्या है पूरा सच

“नाभि थेरेपी” के चमत्कारी दावों पर फिर चर्चा तेज — जानिए क्या है पूरा सच

स्वास्थ्य जगत में एक बार फिर नाभि (Navel) से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं और घरेलू नुस्खों की चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक दावा कहता है कि नाभि में देसी घी, नारियल तेल, सरसों तेल या अरंडी का तेल लगाने से अनेक बीमारियों—जैसे आँखों की रोशनी कम होना, त्वचा का सूखापन, घुटनों का दर्द या शरीर की थकान—में लाभ मिलता है।

🌿 क्या है वायरल दावा?

एक 62 वर्षीय बुजुर्ग को रात में कम दिखना शुरू हुआ। जांच में आँखें सामान्य पाई गईं, लेकिन रक्त धमनियों के सूखने की बात सामने आई। इसके साथ ही संदेश में दावा किया गया कि नाभि के पीछे 72,000 रक्तधमनियाँ होती हैं और नाभि में तेल डालने से शरीर की सूखी नसों में सीधे प्रभाव पहुँचता है।

संदेश में निम्न “उपाय” बताए गए—

नाभि में देसी घी डालने से आँखों की रोशनी में सुधार

अरंडी का तेल डालने से घुटने का दर्द कम

सरसों तेल से त्वचा व शरीर की कमजोरी में लाभ

नीम तेल डालने से चेहरे के पिम्पल ठीक

🧬 नाभि: शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा, पर दावे कितने सही?

नाभि भ्रूणावस्था में बच्चे और माँ को जोड़ने का केंद्र अवश्य रहती है, लेकिन जन्म के बाद इसका कार्य अलग हो जाता है। यह सच है कि नाभि के आसपास कई नसें व त्वचा-तंत्र होता है, लेकिन तेल डालने से 72,000 नसों में तेल पहुँचता है — इस दावे का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

✔️ आयुर्वेद क्या कहता है?

आयुर्वेद में ‘पिचु’ और अभ्यंग (तेल लगाने) की परंपरा है। नाभि में तेल लगाने को त्वचा की नमी बनाए रखने, पेट की गर्मी संतुलित करने और हल्के दर्द में आराम के लिए उपयोगी माना गया है। यह सपोर्टिव थेरेपी रूप में लाभ दे सकता है, लेकिन—

आँखों की रोशनी लौटाना

सूखी रक्त धमनियों को ठीक करना

गंभीर बीमारियों का इलाज

जैसे दावों के लिए आधुनिक चिकित्सा समर्थन नहीं देती।

🩺 विशेषज्ञों की राय

नेत्र रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि आंखों की रोशनी कम होना कई कारणों से हो सकता है—रेटिना की समस्या, ग्लूकोमा, नसों की कमजोरी या डायबिटिक रेटिनोपैथी। ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है।

चर्म रोग विशेषज्ञों के अनुसार नाभि में तेल लगाने से त्वचा को मॉइश्चराइजेशन लाभ जरूर मिल सकता है, लेकिन पिम्पल का इलाज केवल इससे संभव नहीं।

🗣️ निष्कर्ष

नाभि में तेल लगाना एक पारंपरिक घरेलू उपाय है, जिसके हल्के लाभ जरूर हो सकते हैं।

लेकिन अंधविश्वास, असत्यापित दावे या चमत्कारिक इलाज की उम्मीद करना गलत है।

गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में हमेशा डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है।

📌 ध्यान रखें:

“करने से होता है, केवल पढ़ने से नहीं” — लेकिन करने से पहले जानकारी और वैज्ञानिक समझ भी उतनी ही जरूरी है।

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