पटना | 20 नवंबर 2025
बिहार की राजनीति में आज इतिहास रचा गया। नीतीश कुमार ने आज पटना के गांधी मैदान में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सुबह 11:20 बजे शुरू हुए इस भव्य शपथ-ग्रहण समारोह में एनडीए के शीर्ष नेताओं ने शक्ति प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के साथ पहले चरण में करीब 20 मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिससे नई सरकार आधिकारिक रूप से अस्तित्व में आ गई।
प्रधानमंत्री मोदी सहित कई बड़े नेता रहे मौजूद
शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई प्रमुख नेता पटना पहुंचे। राज्यपाल ने मंच पर नीतीश कुमार को शपथ दिलाई, जिसके साथ बिहार में NDA सरकार का नया अध्याय शुरू हो गया।
दो डिप्टी CM—सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा
एनडीए ने सरकार गठन से पहले ही संकेत दे दिए थे कि डिप्टी सीएम पद पर कोई बदलाव नहीं होगा।
आज के समारोह में सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। दोनों नेताओं की भूमिका नई सरकार में काफी अहम रहने वाली है।
कौन-कौन बने मंत्री? संभावित और प्रमुख नामों पर मुहर
पहले चरण के शपथ-ग्रहण में कुल 18–20 मंत्रियों को जगह मिली है, जिनमें जदयू, BJP और सहयोगी दलों के नेता शामिल हैं।
जदयू कोटे से ये चेहरे शामिल
विजेंद्र यादव
विजय कुमार चौधरी
श्रवण कुमार
साथ ही दो–तीन नए चेहरों को भी पहली बार सरकार में जगह मिली है।
BJP कोटे से ये नेता हुए शामिल
नितिन नवीन
नीरज बबलू
कई पुराने अनुभवी मंत्रियों को भी रिपीट किया गया है।
युवा नेतृत्व को भी शामिल करने की कोशिश दिखाई दी।
सहयोगी दलों को भी मिला प्रतिनिधित्व
लोजपा (रामविलास):
महुआ से जीते संजय कुमार सिंह ने शपथ ली।
दलित वर्ग से एक और मंत्री को शामिल किया गया।
HAM (प्रमुख जीतन राम मांझी):
उनके पुत्र संतोष सुमन ने फिर से मंत्री पद की शपथ ली।
RLM (उपेंद्र कुशवाहा):
सासाराम की नई विधायक स्नेहलता कुशवाहा को मंत्रिमंडल में जगह दी गई।
गांधी मैदान बना किले जैसा, सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
शपथ समारोह के मद्देनज़र पटना पुलिस ने गांधी मैदान और आसपास के इलाकों को छावनी में बदल दिया था।
3,000 से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात
मुख्य प्रवेश द्वारों पर कड़ी चेकिंग
वीवीआईपी मूवमेंट के चलते कई रूट डायवर्ट किए गए
अभी 20 मंत्री, जनवरी में होगा बड़ा विस्तार
नीतीश कुमार ने संकेत दिया है कि फिलहाल सीमित मंत्रियों के साथ सरकार की शुरुआत होगी।
मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार खरमास के बाद, यानी 14–15 जनवरी 2026 के बाद किया जाएगा। उससे पहले दलों के बीच संतुलन और विभागों का अंतिम बंटवारा तय किया जाएगा।
निष्कर्ष:
आज बिहार ने एक बार फिर नीतीश मॉडल पर भरोसा जताते हुए एक नए चरण की शुरुआत देखी। नई सरकार में अनुभवी हाथों के साथ नए चेहरे भी शामिल हुए हैं, जो आने वाले पांच वर्षों के शासन की दिशा तय करेंगे।
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