नई दिल्ली।भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पार्टी ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी एमएलसी कलवकुंतला कविता को पार्टी से निलंबित कर दिया। आरोप है कि कविता की हालिया गतिविधियों से पार्टी की छवि और संगठन को नुकसान पहुँचा है।
बीआरएस महासचिव सोमा भरत कुमार और टी. रविंदर राव ने बयान जारी कर बताया कि कविता की गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया है।
कविता के तीखे तेवर
मई महीने में पिता को लिखे एक पत्र के लीक होने के बाद से कविता पार्टी से दूर होती गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि “केसीआर शैतानों से घिरे हुए हैं।”हाल ही में कालेश्वरम परियोजना में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच के आदेश के बाद कविता ने अपने ही चचेरे भाई टी. हरीश राव और पूर्व सांसद जे. संतोष कुमार पर निशाना साधा। पार्टी ने इस बयान को बेहद गंभीर माना और कार्रवाई की।
भारतीय राजनीति में परिवार की लड़ाई
कविता का मामला भारतीय राजनीति में नया नहीं है। परिवारवादी पार्टियों में “घर की लड़ाई” अक्सर संगठन से बाहर आने लगती है।
राजद (बिहार): लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। तेजस्वी यादव को वारिस बनाने के बाद दोनों भाइयों में दूरी बढ़ी और तेजप्रताप को धीरे-धीरे हाशिए पर धकेल दिया गया।

समाजवादी पार्टी (उत्तर प्रदेश): मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव को अखिलेश यादव ने बाहर का रास्ता दिखाया। अखिलेश के वारिस बनने के बाद यह परिवार में बड़ी फूट बन गई।
डीएमके (तमिलनाडु): करुणानिधि के जीवनकाल में ही स्टालिन को वारिस बना दिया गया। परिवार के अन्य सदस्य अलागिरी और कनिमोझी अपनी महत्वाकांक्षा रखते थे, लेकिन अलागिरी को पार्टी से बाहर कर दिया गया।
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