पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच राजद नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बड़ा वादा करते हुए जनता से कहा है कि अगर राज्य में उनकी सरकार बनती है, तो वे राज्य के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को तुरंत लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आते ही कर्मचारियों को न्याय और युवाओं को रोजगार मिलेगा।
तेजस्वी यादव ने ‘भारत प्राइम’ से विशेष बातचीत के दौरान कहा कि “हम जो कहते हैं, वो करते हैं। हम बीजेपी वालों की तरह झूठे वादे नहीं करते। हमारी प्राथमिकता है—बिहार को रोजगार देना, युवाओं को सम्मान देना और राज्य से हो रहे पलायन को रोकना।”
सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत
तेजस्वी यादव ने स्पष्ट कहा कि सभी सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि “राज्य के सरकारी कर्मचारी इस समय नई पेंशन स्कीम (NPS) से परेशान हैं। हम पुरानी पेंशन बहाल कर उन्हें सुरक्षा और स्थिरता देंगे।”
जीविका दीदियों और अनुबंधकर्मियों के लिए स्थायी नौकरी
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनते ही जीविका दीदियों को स्थायी नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा, सभी संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “जो लोग वर्षों से मेहनत कर रहे हैं, उन्हें अब स्थायित्व और सम्मान मिलना चाहिए।”
हर घर को रोजगार और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई
राजद नेता ने कहा कि उनका सपना है कि “हर घर में एक नौकरी हो, ताकि किसी को रोजगार की तलाश में बिहार से बाहर न जाना पड़े।” उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी।
तेजस्वी ने कहा, “जो अपराधी हैं, वे जेल में होंगे; जो ईमानदार हैं, वे सरकार में होंगे। बिहार में कानून का राज कायम किया जाएगा।”
बिहार से बाहर पलायन रुकेगा
उन्होंने कहा कि उनकी योजना के तहत राज्य में उद्योग और स्वरोजगार के नए अवसर खोले जाएंगे। “हमारा लक्ष्य है कि हर हाथ को काम मिले और किसी को अपना घर छोड़कर बाहर न जाना पड़े। बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, बस उन्हें मौका चाहिए,” उन्होंने कहा।
जनता से अपील
तेजस्वी यादव ने अंत में जनता से अपील करते हुए कहा, “एक बार मुझ पर भरोसा करिए। हम बिहार के लिए नई इबादत लिखेंगे। अगर जनता ने हमें मौका दिया, तो हम अपने हर वादे को निभाएंगे और राज्य को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएंगे।”
बिहार चुनाव के इस बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। जहां महागठबंधन इसे “विकास और सम्मान का वादा” बता रहा है, वहीं एनडीए इसे “चुनावी जुमला” करार दे रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता तेजस्वी यादव के इन वादों पर कितना भरोसा जताती है।
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