रांची में इंटरनेशनल चाइल्ड पोर्नोग्राफी रैकेट का खुलासा, ओमान-बांग्लादेश तक फैला नेटवर्क

रांची में इंटरनेशनल चाइल्ड पोर्नोग्राफी रैकेट का खुलासा, ओमान-बांग्लादेश तक फैला नेटवर्क

झारखंड CID की बड़ी कार्रवाई, दो गिरफ्तार

झारखंड CID की साइबर क्राइम थाना ने एक अंतरराष्ट्रीय चाइल्ड पोर्नोग्राफी रैकेट का खुलासा किया है, जो केवल भारत ही नहीं बल्कि ओमान, बांग्लादेश और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों तक फैला हुआ था। इस मामले में बोकारो के गांधीनगर थाना क्षेत्र से दो युवकों – अंकित कुमार जे.डी. और विवेक कुमार – को गिरफ्तार किया गया है। दोनों की उम्र महज 20 से 22 वर्ष के बीच है, लेकिन उनका अपराध चौंकाने वाला है।


टेलीग्राम और क्लाउड स्टोरेज बना था अश्लीलता का अड्डा

पुलिस की जांच में सामने आया है कि ये आरोपी अश्लील चाइल्ड पोर्न सामग्री को टेलीग्राम चैनलों और “MEGA” जैसे क्लाउड स्टोरेज के ज़रिए साझा करते थे। इंटरनेट के ज़रिए इन वीडियो को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैलाया जा रहा था और इसके बदले में मोटी रकम वसूली जा रही थी।

पुलिस ने बताया कि “हॉट पिक” नामक वेबसाइट पर छोटी-छोटी क्लिप्स डालकर लोगों को आकर्षित किया जाता था, और फिर पूरे वीडियो के लिए 500 से 2000 रुपये तक वसूले जाते थे। आरोपियों ने कबूल किया है कि वे वीडियो को अपने निजी अकाउंट में पैसे लेकर क्लाउड पर अपलोड कर उपलब्ध कराते थे।


कोविड काल में छोड़ी पढ़ाई, जुड़ गए इस काले धंधे से

पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि दोनों आरोपियों ने छत्तीसगढ़ से 9वीं और 10वीं की पढ़ाई की थी। लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान पढ़ाई छोड़ दी और धीरे-धीरे पोर्नोग्राफी के इस अवैध कारोबार में लिप्त हो गए। अब ये न केवल खुद कंटेंट अपलोड करते थे बल्कि दूसरों के लिए भी डिजिटल मार्केटिंग का काम करने लगे थे।


बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा था गंभीर ख़तरा

झारखंड CID के अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह की गतिविधियां बच्चों की साइबर सुरक्षा पर गंभीर खतरा बन चुकी थीं। आरोपी सिर्फ कंटेंट बेचने तक सीमित नहीं थे, बल्कि उसे व्यवस्थित ढंग से अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक पहुंचा रहे थे। इस नेटवर्क में अभी भी कई लोग शामिल हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।


भारत के कई राज्यों से मिलीं शिकायतें, राष्ट्रीय पोर्टल से हुआ सुराग

इस मामले की शुरुआत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर आई एक शिकायत से हुई थी। झारखंड के एक पीड़ित ने शिकायत की थी कि उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो, उसकी सहमति के बिना एक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई हैं, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुका है।

इसके बाद पुलिस ने तेजी से जांच करते हुए आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया। इस गिरोह के खिलाफ अब तक झारखंड, केरल, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी शिकायतें दर्ज की गई हैं।


विदेशी ग्राहकों को भी भेजी जा रही थी सामग्री

CID की जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था। ओमान, बांग्लादेश और UAE के ग्राहकों को भी टेलीग्राम और क्लाउड लिंक के ज़रिए चाइल्ड पोर्न कंटेंट बेचा जा रहा था। इसके बदले आरोपी मोटी रकम कमा रहे थे।


मोबाइल से बरामद हुए कई आपत्तिजनक वीडियो

गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो, क्लाउड स्टोरेज लॉगिन्स और डिजिटल ट्रांजैक्शन डिटेल्स बरामद की गई हैं। पुलिस अब इन डेटा की गहराई से जांच कर रही है ताकि बाकी नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया जा सके।


CID की अपील: माता-पिता और युवाओं को सतर्क रहने की ज़रूरत

झारखंड CID ने इस घटना के बाद आम लोगों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध लिंक या वीडियो की जानकारी तुरंत साइबर क्राइम शाखा या साइबर हेल्पलाइन पर दें।


निष्कर्ष: डिजिटल अपराध की दुनिया में गहराता खतरा

यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि किस तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर अपराधी बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। यह सिर्फ एक राज्य या देश की नहीं, बल्कि पूरे विश्व की समस्या बन चुकी है। जरूरत है सतर्कता, जागरूकता और कड़ी कार्रवाई की।

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