नेपाल-चीन संयुक्त सैन्य अभ्यास: आपदा प्रबंधन से लेकर आतंकवाद-रोधी रणनीति तक होगा फोकस

नेपाल-चीन संयुक्त सैन्य अभ्यास: आपदा प्रबंधन से लेकर आतंकवाद-रोधी रणनीति तक होगा फोकस

काठमांडू। नेपाली सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के बीच 10 दिन का संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू हो गया है। नेपाली सेना की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभ्यास में आपदा प्रबंधन, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन और आतंकवाद-रोधी अभियानों सहित कई क्षेत्रों में संयुक्त ऑपरेशन और रणनीतियों का अभ्यास किया जाएगा।

2017 से जारी परंपरा

यह अभ्यास वर्ष 2017 से नेपाल और चीन में बारी-बारी से आयोजित किया जा रहा है। इस साल भी दोनों सेनाओं ने अपने सैन्य सहयोग को और मज़बूत करने पर ज़ोर दिया है।

भारत और अन्य देशों के साथ भी साझेदारी

नेपाल केवल चीन ही नहीं बल्कि भारत और अन्य देशों के साथ भी सैन्य सहयोग करता है।

नेपाल और भारत हर साल ‘सूर्य किरण’ नामक सैन्य अभ्यास करते हैं।

इसके अलावा, नेपाली सेना अमेरिका समेत कई अन्य देशों के साथ भी नियमित रूप से संयुक्त अभ्यास करती रही है।

चीन का स्मार्ट टेक्नोलॉजी प्रयोग

पिछले महीने 28 अगस्त को चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने चाइना सेंट्रल टेलीविज़न (CCTV) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जानकारी दी थी कि “सगरमाथा फ़्रेंडशिप-2024” सैन्य प्रशिक्षण के दौरान PLA ने कुछ स्मार्ट उपकरणों (Smart Equipment) का उपयोग किया। इन उपकरणों का उद्देश्य सैनिकों की दक्षता और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को और तेज़ करना था।

रणनीतिक महत्व

विशेषज्ञों के अनुसार, नेपाल और चीन का यह संयुक्त अभ्यास न केवल सैन्य स्तर पर सहयोग का संकेत है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा, आपदा राहत और बहुपक्षीय शांति अभियानों में भी दोनों देशों की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।

नेपाल की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ऐसे अभ्यासों का सामरिक महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह दक्षिण एशिया और हिमालयी क्षेत्र में शक्ति संतुलन और कूटनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

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