पटना:
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच महागठबंधन (RJD गठबंधन) में सीटों पर तालमेल को लेकर हलचल तेज हो गई है। तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए जाने के बाद अब सहयोगी दलों ने एकजुटता दिखाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
गुरुवार को दूसरे चरण के नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन था, और इस दौरान कांग्रेस व वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) के कई उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए ताकि महागठबंधन के साझा उम्मीदवारों को मजबूती मिल सके।
🔹 बाबूबरही सीट से वीआईपी ने कदम पीछे खींचा
मधुबनी जिले की बाबूबरही विधानसभा सीट पर वीआईपी उम्मीदवार बिंदु गुलाब यादव ने अपना नामांकन वापस ले लिया है।
यह सीट पहले वीआईपी और आरजेडी दोनों के हिस्से में दावे के रूप में थी, लेकिन अब आरजेडी के अरुण कुशवाहा महागठबंधन की ओर से एकमात्र उम्मीदवार होंगे।
🔹 प्राणपुर में कांग्रेस प्रत्याशी ने दिया साथ
कटिहार जिले की प्राणपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार तौकीर आलम ने अपना नाम वापस ले लिया है।
अब इस सीट पर महागठबंधन की ओर से आरजेडी की इशरत प्रवीण उम्मीदवार होंगी।
🔹 वारसलीगंज से भी कांग्रेस ने हटाया प्रत्याशी
नवादा जिले के वारसलीगंज में कांग्रेस उम्मीदवार सतीश सिंह ने भी नामांकन वापस ले लिया है।
इस सीट पर अब आरजेडी के उम्मीदवार अशोक महतो की पत्नी कुमारी अनीता महागठबंधन का चेहरा होंगी।
⚖️ अभी भी 9 सीटों पर मतभेद बरकरार
हालांकि, इन समायोजनों के बावजूद महागठबंधन के भीतर 9 सीटों पर अब भी एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं।
इनमें से 4 सीटों पर आरजेडी और कांग्रेस के बीच टकराव है,
4 सीटों पर कांग्रेस और सीपीआई के बीच मतभेद हैं,
जबकि 1 सीट पर वीआईपी और आरजेडी के प्रत्याशी आमने-सामने हैं।
🗳️ निष्कर्ष
नामांकन वापसी के इन फैसलों से साफ संकेत मिलता है कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन अब एकजुट मोर्चा बनाकर भाजपा-जेडीयू गठबंधन को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है।
सहयोगी दलों की यह रणनीति सीटों पर बिखराव रोकने और वोटों के ध्रुवीकरण को टालने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
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