बिहार की सियासत में NDA के अंदर सीट शेयरिंग की रार अब खुलकर सामने आने लगी है। एक ओर जहां चिराग पासवान ने अपनी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की आपात बैठक (Emergency Meeting) बुलाई है, वहीं दूसरी ओर हम (Hindustani Awam Morcha) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने राष्ट्रकवि दिनकर की कविता के माध्यम से 15 सीटों की मांग कर डाली है।
लेकिन इस सियासी तूफान के बीच अब NDA विरोधी खेमा भी एक्टिव मोड में आ गया है। इसी बीच प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ ने चिराग पासवान को एक राजनीतिक झटका नहीं बल्कि बड़ा ऑफर दे डाला है।
‘विलय करें और स्वागत पाएं’ — जन सुराज का ऑफर
जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष उदय सिंह ने बेहद चौंकाने वाला बयान देकर राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने चिराग पासवान को गठबंधन नहीं, बल्कि पार्टी विलय का ऑफर दिया है।
? उदय सिंह का बयान:
“हम गठबंधन की बात नहीं कर रहे हैं, न ही हमारे बीच कोई सहमति है, न ही होगी।
हम 243 सीटों पर लड़ेंगे।
हां, अगर चिराग पासवान अपनी पार्टी का विलय जन सुराज में करना चाहें, तो उनका स्वागत है।”
प्रशांत किशोर और चिराग पासवान – अब तक चुप, अब बातचीत के संकेत?
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर और चिराग पासवान अब तक एक-दूसरे पर सीधे हमले से बचते रहे हैं। दोनों के प्रवक्ता भी आमतौर पर एक-दूसरे पर बयानबाज़ी नहीं करते। लेकिन NDA में दरार की खबर सामने आते ही, जन सुराज ने चुप्पी तोड़ दी और चिराग को सियासी संदेश दे दिया।
क्या यह NDA से बाहर जाने की भूमिका है?
सवाल ये उठता है कि चिराग पासवान की नाराजगी वाकई गंभीर है या सिर्फ सीट बढ़ाने का दबाव है? और क्या जन सुराज का यह ऑफर, चिराग के लिए NDA से बाहर निकलने का बैकडोर प्लान बन सकता है?
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि जन सुराज ने यह ऑफर सियासी चालाकी से टाइम किया है, जब NDA के भीतर सीटों को लेकर हालात तनावपूर्ण हैं।
सियासी अखाड़े में अब अगला दांव किसका?
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि:
- क्या चिराग पासवान जन सुराज के ऑफर पर कोई प्रतिक्रिया देंगे?
- क्या NDA में सीटों पर सहमति बन पाएगी?
- या फिर बिहार की सियासत में कोई नया राजनीतिक समीकरण जन्म लेगा?
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