गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना शहर में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। तीन पुरुषों ने एक 50 वर्षीय विधवा महिला को घर छोड़ने का झांसा देकर अगवा किया और 24 घंटे के भीतर दो बार सामूहिक बलात्कार किया। घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है, खासकर तब जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गुजरात दौरे से ठीक पहले यह मामला उजागर हुआ।
कैसे हुआ खुलासा महिला को पेट में तेज दर्द होने पर उसके परिवार ने उसे ऊना के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों को जब उसने अपनी आपबीती सुनाई, तो अस्पताल ने तुरंत मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) दर्ज कर पुलिस को सूचित किया।
क्या कहा पीड़िता ने पीड़िता ने बताया कि वह मांडवी चेकपोस्ट से अपने गांव लौट रही थी, तभी दो बाइकों पर सवार तीन पुरुषों ने उसे घर छोड़ने की पेशकश की। चूंकि वह उन्हें जानती थी, उसने भरोसा कर लिया। लेकिन वे उसे सुनसान जगह पर ले गए और बारी-बारी से बलात्कार किया। इसके बाद वे उसे एक आरोपी के घर ले गए, जहां फिर से वही दरिंदगी दोहराई गई।
धमकी देकर छोड़ा बलात्कार के बाद आरोपियों ने उसे घर लौटने की अनुमति दी, लेकिन यह चेतावनी भी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
पुलिस की कार्रवाई नवबंदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक एमएन राणा ने बताया कि महिला की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपी मछुआरे हैं और उनकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।
सामाजिक और प्रशासनिक चिंता पीड़िता के पति का निधन 10 साल पहले हो चुका है और वह मजदूरी कर अपना जीवन यापन करती है। घटना ने न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राष्ट्रपति के दौरे से पहले प्रशासन को भी अलर्ट मोड में ला दिया है।
यह मामला महिलाओं की सुरक्षा और संवेदनशीलता को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस को जन्म दे रहा है। क्या आप चाहेंगे कि मैं इस पर एक विश्लेषणात्मक लेख या सोशल मीडिया अभियान की रूपरेखा तैयार करूं?
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