नई दिल्ली: अमेरिकी ग्लोबल इंजन निर्माता GE एयरोस्पेस ने शुक्रवार को स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजना LCA तेजस Mk-1A के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को पांचवां F404-IN20 जेट इंजन सौंप दिया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह इंजन 2021 में दिए गए ऑर्डर का हिस्सा है और HAL व GE टीमें समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार समन्वय में काम कर रही हैं।
F404-IN20 इंजन की ताकत
यही इंजन HAL द्वारा निर्मित भारत के स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस Mk-1A को शक्ति देता है। इस ऑर्डर के तहत चौथा इंजन अक्टूबर 2025 में HAL को मिला था।
HAL ने GE एयरोस्पेस के साथ 113 F404-IN20 इंजनों की आपूर्ति के लिए बड़ा समझौता किया है, जो 97 LCA Mk-1A विमानों के उत्पादन कार्यक्रम को पूरा करेगा।
रक्षा मंत्रालय ने किया था विमान अनुबंध
HAL ने प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि इंजन आपूर्ति को लेकर यह समझौता 7 नवंबर 2025 को साइन हुआ था। इंजन की डिलीवरी 2027 से 2032 के बीच चरणबद्ध तरीके से पूर्ण होनी है। रक्षा मंत्रालय ने इससे पहले सितंबर 2025 में 97 तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों की खरीद का अनुबंध किया था।
पुणे संयंत्र में निवेश से बढ़ेगी क्षमता
इस बीच, GE एयरोस्पेस ने अपने पुणे संयंत्र के विस्तार के लिए 14 मिलियन डॉलर के नए निवेश की घोषणा की है। यह निवेश पिछले वर्ष किए गए 30 मिलियन डॉलर के निवेश के बाद दूसरी बड़ी पूंजी वृद्धि है। कंपनी का कहना है कि यह राशि उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने, स्वचालन सुधारने और उन्नत इंजन घटक निर्माण को और मजबूत बनाने में उपयोग की जाएगी।
अक्टूबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह HAL की नासिक इकाई में तेजस Mk-1A की तीसरी उत्पादन लाइन और HTT-40 ट्रेनर विमान की दूसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन भी कर चुके हैं।
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