कमरे में बुलाता है प्रोफेसर, दिल्ली यूनिवर्सिटी में बड़ा विवाद, छात्रा ने लगाए उत्पीड़न और धमकी के गंभीर आरोप

कमरे में बुलाता है प्रोफेसर, दिल्ली यूनिवर्सिटी में बड़ा विवाद, छात्रा ने लगाए उत्पीड़न और धमकी के गंभीर आरोप

नई दिल्ली। देश की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने अपने ही विभाग के एक प्रोफेसर पर मानसिक उत्पीड़न, धमकी और दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि प्रोफेसर द्वारा उसे बार-बार कमरे में बुलाया जाता था और सोशल मीडिया पर डाली गई एक रील को डिलीट कराने का दबाव भी बनाया गया।

पीड़ित छात्रा चित्रा , जो खुद को चित्रा बताती है, ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर ने न सिर्फ अनुचित व्यवहार किया, बल्कि उसे डराने-धमकाने की भी कोशिश की। छात्रा के अनुसार, जब उसने विरोध किया तो प्रोफेसर ने कथित तौर पर कहा, “तुम इस यूनिवर्सिटी का बहुत छोटा सा हिस्सा हो, हम तुम्हारा बहुत कुछ बिगाड़ सकते हैं।” इस कथन ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

“मैं पढ़ने आई हूं, कमरे में जाने नहीं”

चित्रा स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने आई है, किसी प्रोफेसर के कमरे में जाने के लिए नहीं। उसने कहा, “मुझे पास आने और कमरे में जाने के लिए कहा जाता रहा। मैंने साफ मना किया। किसी भी कीमत पर यह स्वीकार्य नहीं है।” छात्रा का आरोप है कि जब उसने प्रोफेसर की बात नहीं मानी, तो उस पर अकादमिक नुकसान पहुंचाने और करियर खराब करने की धमकी दी गई।

सोशल मीडिया रील को लेकर दबाव

चित्रा का कहना है कि उसने अपनी निजी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर एक रील पोस्ट की थी, जिसे लेकर प्रोफेसर ने आपत्ति जताई और उसे डिलीट कराने का दबाव बनाया। छात्रा के मुताबिक, यह उसकी निजी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है और इसका शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है।

छात्र संगठनों में आक्रोश

मामला सामने आते ही छात्र संगठनों में आक्रोश फैल गया है। कई संगठनों ने इसे छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। छात्र नेताओं का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रशासन की चुप्पी, जांच की मांग

अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि मामले की आंतरिक जांच शुरू की जा सकती है। छात्रा ने मांग की है कि उसकी शिकायत को सरकार और उच्च शिक्षा मंत्रालय तक पहुंचाया जाए, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई हो सके।

बड़ा सवाल

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या विश्वविद्यालय परिसरों में छात्राएं पूरी तरह सुरक्षित हैं? क्या शिकायत करने पर उन्हें डराया-धमकाया जाता है? छात्रा ने कहा है कि वह न्याय मिलने तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।

दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में सामने आया यह मामला न केवल प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए आत्ममंथन का विषय भी बन गया है।

Views: 220

TOTAL VISITOR: 50219386