उपराष्ट्रपति चुनाव: सत्ता पक्ष मज़बूत, विपक्ष ने जगन रेड्डी पर साधा निशाना

उपराष्ट्रपति चुनाव: सत्ता पक्ष मज़बूत, विपक्ष ने जगन रेड्डी पर साधा निशाना

नई दिल्ली। देश के 15वें उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए आज मतदान शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले वोट डालकर प्रक्रिया की शुरुआत की। सत्ता पक्ष जहां स्पष्ट बहुमत के दम पर मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है, वहीं विपक्ष सहयोगी दलों पर सवाल खड़े कर रहा है।

कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी पर एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन का समर्थन करने को लेकर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के हितों के बजाय सीबीआई मामलों के डर से आरएसएस समर्थित उम्मीदवार का साथ दिया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक ताकतों के साथ विश्वासघात बताया।

उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया

उपराष्ट्रपति का चुनाव सांसदों (लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के निर्वाचित और मनोनीत सदस्य) द्वारा किया जाता है।

इस चुनाव में राज्यों की विधानसभाओं की कोई भूमिका नहीं होती।

मतदान गुप्त मतपत्र से किया जाता है और चुनाव आयोग की देखरेख में पूरी प्रक्रिया संपन्न होती है।

उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए वैध मतों का बहुमत हासिल करना जरूरी है।

सत्ता पक्ष की बढ़त

एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर पर्याप्त संख्या बल है। साथ ही, बीजू जनता दल (बीजेडी), वाईएसआर कांग्रेस और कई छोटे दलों का समर्थन भी एनडीए उम्मीदवार को मिला है, जिससे विपक्ष की राह और मुश्किल हो गई है।

विपक्ष की स्थिति

विपक्ष ने भी अपना उम्मीदवार उतारा है और यह चुनाव सीधे तौर पर राजनीतिक संदेश देने का मंच बन गया है। विपक्ष का मकसद सत्ता पक्ष को चुनौती देना और सहयोगी दलों को कटघरे में खड़ा करना है। हालांकि, संख्याबल के लिहाज से उसकी स्थिति कमजोर है।

संभावित नतीजा

संख्याबल और समर्थन को देखते हुए एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह चुनाव नतीजे से ज्यादा विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच रणनीतिक टकराव और आने वाले आम चुनावों के लिए गठबंधन राजनीति की दिशा तय करेगा।

Views: 104

TOTAL VISITOR: 50219347