नई दिल्ली, 25 जुलाई: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में आज बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कथित तौर पर बायोलॉजी प्रश्नपत्र लीक के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क का प्रमुख सदस्य था और उससे पूछताछ के आधार पर मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इधर, देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। कई राज्यों में प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जबकि बिहार में छात्र संगठनों ने राज्यव्यापी बंद और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए हैं। प्रशासन ने कई जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों को यातायात प्रभावित होने की चेतावनी भी जारी की.
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर बदलाव
विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं। 47 अधिकारियों को हटाया गया है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए व्यापक प्रशासनिक बदलाव शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही केंद्र ने पेपर लीक मामलों पर कड़ी सजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सख्त कानून लाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा दोषी को बख्शा नहीं जाएगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से जल्द न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बावजूद छात्र संगठनों और विपक्ष की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग जारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने सरकार से पूछा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। कोर्ट ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और छात्रों का विश्वास बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
देश की निगाहें CBI पर
फिलहाल पूरे देश की निगाहें CBI की जांच, सरकार की अगली कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। छात्रों का कहना है कि केवल गिरफ्तारियां ही नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में किसी भी राष्ट्रीय परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल न उठे।
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