रांची, 18 अगस्त 2026: झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के लंबे आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। लगभग 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल के बाद सरकार ने अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया।
सरकार ने घोषणा की है कि JSSC-CGL परीक्षा रद्द की जाएगी। इसके साथ ही 2014 से आउटसोर्स एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाएं, उनसे जुड़े परिणाम और चयन प्रक्रियाओं को भी निरस्त किया जाएगा। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच के आदेश दिए गए हैं तथा परीक्षा सुधार के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि 2014 से भर्ती परीक्षाओं में हुई सभी छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सरकार का दावा है कि युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार के फैसले के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी और इसे झारखंड के युवाओं की बड़ी जीत बताया। हालांकि आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, क्योंकि अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में शामिल CBI जांच पर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है। छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि CBI जांच की मांग जारी रहेगी।
राजधानी रांची में फैसले के बाद कई स्थानों पर छात्रों ने जश्न मनाया, वहीं कुछ चयनित अभ्यर्थियों ने चिंता जताई है क्योंकि परीक्षा रद्द होने से उनके भविष्य पर भी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला झारखंड की भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब सभी की नजरें जांच प्रक्रिया और नई भर्ती व्यवस्था पर टिकी हैं।
Views: 20
