कैसी पहेली ज़िंदगानी… और कैसी पहली मुलाकात!”अमिताभ बच्चन -रेखा

कैसी पहेली ज़िंदगानी… और कैसी पहली मुलाकात!”अमिताभ बच्चन -रेखा

जब स्टूडियो में बजा था संगीत… और आ गई थीं रेखा की अदाओं की आंधी”

साल 2005… पर्दे पर ‘परिणीता’ का जादू था, पर्दे के पीछे संगीतकार शांतनु मोइत्रा की धुनें और निर्देशक प्रदीप सरकार की कलात्मक दृष्टि। आज, फिल्म के 20 साल पूरे होने पर, इन सुनहरी यादों का एक नया पन्ना खुला है।

शांतनु ने एक नए इंटरव्यू

शांतनु ने एक नए इंटरव्यू में बताया कि कैसे प्रदीप सरकार के बुलावे पर वह शूटिंग सेट पर पहुंचे, जहां रेखा ‘कैसी पहेली ज़िंदगानी’ गाने की शूटिंग में मग्न थीं। यह वही सेट था, जहां आमतौर पर अमिताभ बच्चन ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की शूटिंग करते हैं। उस दिन, स्टूडियो की हवा में रोशनी, सिगरेट के धुएं और जैज़ म्यूज़िक का जादू तैर रहा था—और बीच में थीं रेखा, अपने अंदाज़ में लय और नज़र का खेल रचती हुईं।


रेखा का छोटा कैमियो, अमिट छाप

गाने में उनका रोल छोटा था, पर जैसे चाय में इलायची—एक हल्की-सी मौजूदगी, जो पूरी चीज़ का स्वाद बदल दे। शांतनु ने कहा कि उस पल में, वह संगीतकार नहीं, बल्कि एक दर्शक थे, जो बस उस अदाकारी को सांस रोककर देख रहा था।


यादों में प्रदीप सरकार

इस खास मौके पर पूरी टीम ने दिवंगत निर्देशक प्रदीप सरकार को भी श्रद्धांजलि दी। शांतनु ने भावुक होकर कहा—

“परिणीता सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक एहसास थी… और प्रदीप दा उस एहसास की धड़कन थे।”

Views: 183

TOTAL VISITOR: 50312700