काबुल/नई दिल्ली, 2 सितंबर 2025 — अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी हिस्सों में रविवार देर रात 6.0 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसने चारों ओर तबाही मचा दी। कुनार और नंगरहार प्रांतों में सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ, जबकि नुरीस्तान और लघमान में भी दर्जनों गांव मलबे में तब्दील हो गए।
सरकारी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार अब तक 800 से अधिक लोगों की मौत और 2,800 से अधिक घायल होने की पुष्टि हो चुकी है। दूरदराज़ इलाकों में अब भी कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका है, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
राहत और बचाव कार्य
भूस्खलन और लगातार बारिश के कारण प्रभावित इलाकों तक पहुँचना मुश्किल हो रहा है।हेलिकॉप्टर और आपात बचाव दल लगातार राहत कार्य में जुटे हैं।संयुक्त राष्ट्र ने तुरंत 5 मिलियन डॉलर की सहायता जारी की है।अफ़ग़ान रेड क्रेसेंट और स्थानीय स्वयंसेवक ग्रामीणों को निकालने में लगे हुए हैं।महिलाओं और बच्चों के लिए राहत शिविरों तक पहुँचना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
भारत का मानवीय सहयोग
भारत ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा:
“इस कठिन घड़ी में भारत अफ़ग़ानिस्तान के साथ है। हमारी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं और हम हरसंभव मानवीय मदद देने के लिए तैयार हैं।”
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफ़ग़ान विदेश मंत्री से बात कर मदद का भरोसा दिलाया।
भारत ने 1,000 पारिवारिक तंबू पहले ही काबुल भेज दिए हैं।15 टन खाद्य सामग्री कुनार प्रांत रवाना की गई है।आने वाले दिनों में और भी राहत सामग्री भेजी जाएगी।
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