नई दिल्ली/वॉशिंगटन:अमेरिका ने सोमवार को घोषणा की कि भारत और अमेरिका की साझेदारी अब “नई ऊँचाइयों” तक पहुँचेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब ठीक उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ऐतिहासिक बैठक हुई।
अमेरिकी बयान में कहा गया:“हमारी दोनों जनता की स्थायी मित्रता ही इस यात्रा को आगे बढ़ाने की ताकत है।”
इस महीने, हम उन लोगों, प्रगति और संभावनाओं पर रोशनी डाल रहे हैं जो हमें भविष्य की ओर ले जा रहे हैं।”
क्यों है यह बड़ा ट्विस्ट?
Xi, पुतिन और मोदी की मुलाकात ने एशिया में नए समीकरण बनाने के संकेत दिए।उसी दिन अमेरिका ने भारत के साथ रिश्तों को नई दिशा देने का ऐलान किया।
कूटनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, यह संदेश साफ है कि भारत अब वैश्विक राजनीति का अहम केंद्र बन चुका है।
निष्कर्ष
भारत अब एक ओर रूस-चीन के साथ वैश्विक मंच पर खड़ा है और दूसरी ओर अमेरिका के साथ गहरी रणनीतिक साझेदारी भी बना रहा है। आने वाले समय में यह संतुलन भारत की विदेश नीति और वैश्विक शक्ति समीकरण दोनों को प्रभावित करेगा।
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