रांची, 4 नवंबर:
झारखंड की राजधानी रांची से सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) और ‘नीरज साहू गैंग’ के नाम पर रंगदारी वसूली करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश मुंडा उर्फ दिनेश मुंडा, नितेश मुंडा, राम विजय लोहरा और पवन लोहरा के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नकद रुपये और धमकी भरे पर्चे बरामद किए हैं।
पहला मामला: टीएसपीसी के नाम पर रंगदारी
पहला मामला ओरमांझी थाना क्षेत्र का है। रांची ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि 22 अक्टूबर को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 16 अक्टूबर की शाम उसे एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को प्रतिबंधित संगठन टीएसपीसी का सदस्य बताते हुए रंगदारी की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद रांची एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर एसपी प्रवीण पुष्कर और सिल्ली डीएसपी अनुज उरांव के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई।
तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बुढ़मू थाना क्षेत्र के टोंगरीटोला चकमे से उमेश मुंडा उर्फ दिनेश मुंडा और नितेश मुंडा को गिरफ्तार किया। इनके पास से धमकी देने में इस्तेमाल मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड, तीन अन्य मोबाइल और ₹17,500 नकद बरामद किए गए। पूछताछ में दोनों ने टीएसपीसी के नाम पर रंगदारी वसूली करने की बात स्वीकार की है।
दूसरा मामला: ‘नीरज साहू गैंग’ के नाम पर पांच लाख की मांग
दूसरा मामला खलारी थाना क्षेत्र का है, जहां 2 नवंबर को एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उसे व्हाट्सऐप कॉल और मैसेज के जरिए ‘नीरज साहू गैंग’ का सदस्य बनकर ₹5 लाख रंगदारी मांगी गई। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई और गैंग के नाम से एक धमकी भरा पर्चा उसके घर पर चिपकाया गया।
इस पर रांची एसएसपी के आदेश पर ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर और डीएसपी रामनारायण चौधरी के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। जांच और छापेमारी के बाद राम विजय लोहरा और पवन लोहरा को गिरफ्तार किया गया।
पहले रहे उग्रवादी, अब बना लिया खुद का गैंग
पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे पहले उग्रवादी संगठन जेजेएमपी (Jharkhand Jan Mukti Parishad) से जुड़े थे, लेकिन संगठन कमजोर होने के बाद उन्होंने ‘नीरज साहू गैंग’ बनाकर कोयला कारोबारियों और भट्ठा मालिकों से लेवी वसूली शुरू कर दी थी।
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इन आरोपियों का किसी बड़े उग्रवादी नेटवर्क से सीधा संबंध है या नहीं।
पुलिस ने उनके पास से धमकी देने में प्रयुक्त मोबाइल, तीन अन्य मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और 17,500 रुपए नगद बरामद किए। दोनों आरोपियों ने टीएसपीसी के नाम पर रंगदारी वसूली की बात स्वीकार की है।
दूसरा मामला रांची के खलारी थाना क्षेत्र का है। यहां एक व्यक्ति ने 2 नवंबर को पुलिस को आवेदन देकर बताया कि व्हाट्सऐप कॉल और मैसेज के माध्यम से खुद को ‘नीरज साहू गैंग’ का सदस्य बताकर पांच लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई और गैंग के नाम से एक पर्चा उसके घर पर चिपकाया गया।
कारोबारियों को धमकी देकर वसूली
इस शिकायत पर रांची एसएसपी के निर्देश पर ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर और डीएसपी रामनारायण चौधरी के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की और तकनीकी जांच के आधार पर राम विजय लोहरा और पवन लोहरा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे पहले उग्रवादी संगठन जेजेएमपी से जुड़े थे, लेकिन संगठन कमजोर पड़ने के बाद ‘नीरज साहू गैंग’ बनाकर कोयला कारोबारियों और भट्ठा मालिकों से लेवी वसूली शुरू कर दी थी।
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