हत्याकांड की सुपारी से जंग तक: जयराम महतो का मोर्चा बढ़ा—भूमि, भ्रष्टाचार और सुरक्षा पर जबरदस्त तेवर

हत्याकांड की सुपारी से जंग तक: जयराम महतो का मोर्चा बढ़ा—भूमि, भ्रष्टाचार और सुरक्षा पर जबरदस्त तेवर

रांची/बोकारो | नवंबर 2025
झारखंड की राजनीति में सक्रिय जयराम महतो (डुमरी विधायक, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा / JLKM) इन दिनों कई मोर्चों पर सुर्खियों में हैं। उन्होंने अधिकारियों पर रिश्वतखोरी का खुलासा किया है, विपक्षी विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है और अपना सुरक्षा कवच सख्त करने की मांग कर रहे हैं।


रिश्वतखोरी का आरोप

हाल ही में महतो ने कहा है कि राज्य में सरकारी कामों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से “जन्म प्रमाण पत्र से लेकर वृद्धा पेंशन तक, जमीन‑कागज के मामूली कामों में भी रिश्वत देनी पड़ रही है।
बोकारो‑क्षेत्र एवं चतरा की जनसभा में उन्होंने यह भी कहा कि कोल‑कंपनियाँ एवं दलाल स्थानीय रैयतों की जमीन से मिलीभगत में कई तरह के शोषण कर रही हैं।
उनकी इस टिप्पणी ने राज्य सरकार की छवि पर हल्का दबाव डाला है, जहाँ विकास‑वाद के दावों को भ्रष्टाचार की शिकायतें चुनौती दे रही हैं।


कानूनी टकराव: विपक्षी विधायक के खिलाफ एफआईआर

इससे कुछ समय पहले, महतो ने श्वेता सिंह (बोकारो विधायक) एवं उनके समर्थकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि 3 अप्रैल को बोकारो इस्पात संयंत्र के बाहर आंदोलन के दौरान उन्हें जुल्म और हमला झेलना पड़ा था।
महतो के मुताबिक, “उनकी गाड़ी की नंबर‑प्लेट तोड़ी गई और उन्हें भीड़ ने घेरा”। इस पर श्वेता सिंह ने राजनीति का आरोप लगाया है और घटनाओं की विवेचना अब कानूनी हलकों में है।
यह टकराव झारखंड की राजनीति में सत्ता‑विरोधी गठजोड़ के बीच संघर्ष का प्रतीक बनता दिख रहा है।


सुरक्षा को लेकर गंभीर संकेत

जयराम महतो ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी उठती चिंताओं पर प्रकाश डाला है। उनकी पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर ‘Z+ श्रेणी सुरक्षा’ की मांग की है, क्योंकि उनका दावा है कि उन्हें माफिया, दलाल और प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक गुटों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा है कि “गाड़ी में तोड़‑फोड़ हुई है, प्रदर्शन के दौरान मुझे प्रवेश नहीं मिला।” यह मांग यह संकेत देती है कि राज्य में राजनीतिक सुरक्षा एवं व्यवस्था‑चिंतन का अस्थिरपन उभर रहा है।


महतो की चुनौती और रणनीति

जयराम महतो अपने दल JLKM को केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनके सक्रिय बयान और जनसभाएँ यह दर्शाती हैं कि वे व्यापक सामाजिक मुद्दों—भूमि हक़, विस्थापन, भ्रष्टाचार—पर राजनीति करना चाह रहे हैं। हालांकि, इस राह में उन्हें संगठन‑ढांचा, संसाधन और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना करना होगा।


निष्कर्ष

जयराम महतो की सक्रियता झारखंड की राजनीति में नए आक्रामक और सवाल उठाने वाले विमर्श का संकेत है। जहाँ उन्होंने भ्रष्टाचार और जमीन‐हक़ जैसे गहरे मुद्दों को उठाया है, वहीं उनकी सुरक्षा चिंताएँ और प्रतिद्वंदी से विवाद यह बताते हैं कि राजनीति अब केवल चुनावी नहीं, संघर्षमय स्वरूप ले रही है।
उनके अगले कदमों पर नज़र रहेगी—क्या वे न सिर्फ शब्दों में बल्कि कार्रवाई में भी बदलाव ला पाएँगे?

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