ग़ाज़ा पर इज़राइल का बड़ा कदम: 60,000 आरक्षित सैनिक तैनात, लाखों फ़लस्तीनियों को विस्थापन का आदेश

ग़ाज़ा पर इज़राइल का बड़ा कदम: 60,000 आरक्षित सैनिक तैनात, लाखों फ़लस्तीनियों को विस्थापन का आदेश

यरुशलम/ग़ाज़ा सिटी | 20 अगस्त 2025
इज़राइल ने ग़ाज़ा सिटी पर ज़मीनी हमले की तैयारी तेज कर दी है। रक्षा मंत्री इस्राइल कैट्ज़ ने “ऑपरेशन गिडियोन चारियट्स-B” को मंज़ूरी देते हुए 60,000 आरक्षित सैनिकों को बुलाया है। इसके अलावा, 20,000 सक्रिय सैनिकों की सेवा अवधि भी बढ़ाई गई है।

ग़ाज़ा सिटी में युद्ध की आहट

इज़राइली सेना (IDF) ने ग़ाज़ा सिटी के बाहरी इलाक़ों — ज़ैतून, जबालिया और शुजाइया — में हवाई और ज़मीनी हमले तेज कर दिए हैं। अब लक्ष्य हैमास के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर पूरे शहर पर नियंत्रण करना है।

नागरिकों को दक्षिण की ओर जाने का आदेश

इज़राइल ने ग़ाज़ा सिटी में रहने वाले लाखों फ़लस्तीनियों को तुरंत दक्षिणी ग़ाज़ा में बनाए गए अस्थायी शरणस्थलों में जाने का आदेश दिया है। पहले से ही विस्थापित नागरिकों की संख्या बढ़ने से राहत केंद्रों में भीषण भीड़ और संकट की स्थिति बन गई है।

अंतरराष्ट्रीय चिंता और आलोचना

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि ग़ाज़ा में हालात मानवीय त्रासदी में बदल सकते हैं।

जॉर्डन और फ्रांस ने इज़राइल की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए शांति वार्ता पर लौटने का आह्वान किया।

जर्मनी और ब्रिटेन ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

इज़राइल में भी विरोध

ख़ुद इज़राइल के भीतर भी यह निर्णय विवादों में है। रिज़र्विस्ट परिवारों और युद्धबंदियों के परिजनों ने प्रदर्शन कर सरकार से कहा है कि लगातार सैन्य अभियान से समाज और अर्थव्यवस्था पर गहरा बोझ पड़ रहा है।

मानवीय संकट गहराया

ग़ाज़ा में पहले से ही खाद्य, पानी और दवाइयों की कमी है। नए आदेश से लाखों लोग अपने घर छोड़कर दक्षिणी हिस्सों में जा रहे हैं। राहत संगठनों ने कहा है कि अगर तुरंत मदद नहीं पहुँची तो हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं।

यरुशलम/ग़ाज़ा सिटी | 20 अगस्त 2025
इज़राइल ने ग़ाज़ा सिटी पर ज़मीनी हमले की तैयारी तेज कर दी है। रक्षा मंत्री इस्राइल कैट्ज़ ने “ऑपरेशन गिडियोन चारियट्स-B” को मंज़ूरी देते हुए 60,000 आरक्षित सैनिकों को बुलाया है। इसके अलावा, 20,000 सक्रिय सैनिकों की सेवा अवधि भी बढ़ाई गई है।

ग़ाज़ा सिटी में युद्ध की आहट

इज़राइली सेना (IDF) ने ग़ाज़ा सिटी के बाहरी इलाक़ों — ज़ैतून, जबालिया और शुजाइया — में हवाई और ज़मीनी हमले तेज कर दिए हैं। अब लक्ष्य हैमास के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर पूरे शहर पर नियंत्रण करना है।

नागरिकों को दक्षिण की ओर जाने का आदेश

इज़राइल ने ग़ाज़ा सिटी में रहने वाले लाखों फ़लस्तीनियों को तुरंत दक्षिणी ग़ाज़ा में बनाए गए अस्थायी शरणस्थलों में जाने का आदेश दिया है। पहले से ही विस्थापित नागरिकों की संख्या बढ़ने से राहत केंद्रों में भीषण भीड़ और संकट की स्थिति बन गई है।

अंतरराष्ट्रीय चिंता और आलोचना

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि ग़ाज़ा में हालात मानवीय त्रासदी में बदल सकते हैं।

जॉर्डन और फ्रांस ने इज़राइल की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए शांति वार्ता पर लौटने का आह्वान किया।

जर्मनी और ब्रिटेन ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

इज़राइल में भी विरोध

ख़ुद इज़राइल के भीतर भी यह निर्णय विवादों में है। रिज़र्विस्ट परिवारों और युद्धबंदियों के परिजनों ने प्रदर्शन कर सरकार से कहा है कि लगातार सैन्य अभियान से समाज और अर्थव्यवस्था पर गहरा बोझ पड़ रहा है।

मानवीय संकट गहराया

ग़ाज़ा में पहले से ही खाद्य, पानी और दवाइयों की कमी है। नए आदेश से लाखों लोग अपने घर छोड़कर दक्षिणी हिस्सों में जा रहे हैं। राहत संगठनों ने कहा है कि अगर तुरंत मदद नहीं पहुँची तो हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं।

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