बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद राजनीतिक माहौल तेजी से गर्म हो गया है। छपरा से आरजेडी उम्मीदवार और भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने एक बड़ा बयान देकर सियासी हलचल मचा दी है। उन्होंने एनडीए नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह ऐलान कर दें कि “कल से यहां फैक्ट्री और कॉलेज का शिलान्यास होगा”, तो वह जिंदगी में कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे, ना शपथ ग्रहण करेंगे, और ना ही सर्टिफिकेट लेने जाएंगे।
खेसारी लाल यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं गरीब का बेटा हूं, मेरी औकात नहीं थी कि मैं ग्रेजुएशन कर सकूं। जो लोग आज मुझे निशाना बना रहे हैं, वो अमीर घरों में पैदा हुए हैं। मैं जनता से वादा करता हूं कि अगर बिहार में फैक्ट्री और अच्छे कॉलेज बन गए तो मैं हमेशा के लिए राजनीति छोड़ दूंगा।”
उन्होंने एनडीए नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि वे किसानों का अपमान कर रहे हैं। “मैं किसी का अपमान नहीं करूंगा क्योंकि मैं संस्कारी बेटा हूं, लेकिन मैं एनडीए के नेताओं को चार दिन में पागल घोषित कर दूंगा,” उन्होंने कहा।
तेज प्रताप यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खेसारी ने कहा, “तेज प्रताप मेरे बड़े भाई हैं। उनकी बातों का जवाब देना जरूरी नहीं समझता।”
निरहुआ के बयान पर पलटवार करते हुए खेसारी ने कहा, “मैं कभी धर्म विरोधी नहीं था और न हूं। मैं ‘जय श्री राम’ बोलता हूं और पूरी दुनिया से बुलवा सकता हूं। लेकिन धर्म के नाम पर वोट मांगना गलत है। मैं रोजगार और शिक्षा की बात करता हूं, जबकि वे मंदिर-मस्जिद की बात करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने राजा राम फिल्म में भगवान राम का किरदार निभाया है और राम पर गाने भी गाए हैं। धर्म जरूरी है, लेकिन साथ ही शिक्षा, अस्पताल और रोजगार भी उतने ही जरूरी हैं। बिहार की जनता को अब असली मुद्दों पर वोट देना चाहिए।”
👉 खेसारी लाल यादव का यह बयान न केवल उनके विरोधियों को सीधी चुनौती है, बल्कि यह चुनावी मैदान में एक नए राजनीतिक विमर्श की शुरुआत भी मानी जा रही है — जहां मुद्दा धर्म नहीं, बल्कि विकास है।
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