बिहार में तीज पर्व की धूम, बाजारों से लेकर मंदिरों तक दिखी रौनक

बिहार में तीज पर्व की धूम, बाजारों से लेकर मंदिरों तक दिखी रौनक

पटना: सावन और भाद्रपद मास का पावन पर्व तीज बिहार में पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस बार हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज के अवसर पर मंदिरों और बाजारों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर रही हैं।

तीज की तिथियां

हरियाली तीज: 26 जुलाई 2025

कजरी तीज: 12 अगस्त 2025

हरतालिका तीज: 26 अगस्त 2025

तीज पर महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती से पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। परंपरा के अनुसार इस दिन महिलाएं दिनभर बिना अन्न-जल ग्रहण किए व्रत करती हैं और रात में शिव-पार्वती की विशेष पूजा कर भोग अर्पित करती हैं।

पूजा और व्रत का महत्व

सांस्कृतिक रंगपटना, भागलपुर, आरा और गया समेत कई जिलों में मंदिरों को सजाया गया है। बाजारों में मेहँदी, साड़ियाँ, चूड़ियाँ और श्रृंगार सामग्री की खूब खरीदारी हो रही है। कई जगहों पर झूले लगाए गए हैं और महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीतों के साथ उत्सव को और रंगीन बना दिया है।कटिहार में मारवाड़ी यूथ फोरम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में झूला, फैंसी ड्रेस, नृत्य और मेंहदी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।

तीज का स्वाद

उत्सव का संदेशतीज सिर्फ धार्मिक आस्था का पर्व नहीं बल्कि यह महिलाओं की एकता, सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। आस्था और उल्लास से सराबोर यह पर्व बिहार की परंपरा और जीवन शैली का अहम हिस्सा है।

तीज का स्वाद व्रत के बाद घर-घर में पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं जिनमें गुझिया, मालपुआ, ठेकुआ, सत्तू लड्डू, आटे का हलवा और साबूदाना खीर प्रमुख हैं।

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