झारखंड में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। चाईबासा जिले के चक्रधरपुर और आसपास के जंगल क्षेत्र में रविवार देर रात हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने कुख्यात माओवादी कमांडर को ढेर कर दिया। उस पर 96 आपराधिक मामले दर्ज थे और झारखंड पुलिस ने उसके सिर पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
कौन था माओवादी कमांडर?
माओवादी का नाम (नाम अभी पुलिस ने औपचारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है, पर वह झारखंड-ओडिशा सीमा पर सक्रिय था)।
वह पिछले कई वर्षों से CPI (माओवादी) संगठन का ज़ोनल कमांडर था।
उस पर पुलिस व सुरक्षाबलों पर हमले, हथियार लूट, ठेकेदारों से वसूली, विस्फोटक लगाने और ग्रामीणों को डराने-धमकाने जैसे आरोप थे।
कई बार पुलिस और NIA की चार्जशीट में भी उसका नाम सामने आया था।
कैसे हुई मुठभेड़?
सूचना मिली थी कि माओवादी अपने दस्ते के साथ चक्रधरपुर जंगल में मीटिंग कर रहा है।
पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम ने इलाके को घेर लिया।
माओवादी दस्ते ने सुरक्षा बलों को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में कमांडर मारा गया, जबकि बाकी साथी जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
मौके से बरामदगी
एक एके-47 रायफल,
देशी बम, कारतूस,
और नक्सली साहित्य बरामद किया गया है।
पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
पुलिस का बयान
चाईबासा एसपी ने बताया –
“यह झारखंड पुलिस और CRPF की बड़ी उपलब्धि है। जिस माओवादी को ढेर किया गया है, वह लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसकी मौत से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है।”
स्थानीय प्रभाव
इस मुठभेड़ के बाद इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
पिछले कई सालों से वह क्षेत्र माओवादी गतिविधियों के कारण दहशत में था।
पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे निडर होकर विकास कार्यों में सहयोग करें।
Views: 375
