बिहार चुनाव में कांग्रेस ने उतारा ‘जादूगर’ गहलोत, बोले — “एक-दो दिन में सब साफ हो जाएगा”

बिहार चुनाव में कांग्रेस ने उतारा ‘जादूगर’ गहलोत, बोले — “एक-दो दिन में सब साफ हो जाएगा”

पटना:
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच कांग्रेस ने अब ‘जादूगर’ अशोक गहलोत को मैदान में उतार दिया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पटना भेजा है, जहां वे राजद नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात कर सीट बंटवारे, घोषणापत्र और प्रचार रणनीति पर चल रही असहमति को दूर करने की कोशिश करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने पहले तेजस्वी यादव से फोन पर बातचीत की थी, जिसके बाद गहलोत, प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और राजद नेताओं के बीच बुधवार को अहम बैठक तय की गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद गठबंधन की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।

गहलोत ने पटना पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में कहा —

“1 से 2 दिन में सब कुछ साफ हो जाएगा। कोई दिक्कत नहीं है, सब मुद्दे मिल-बैठकर सुलझा लिए जाएंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सारी बातें स्पष्ट की जाएंगी।”

🔸 सीट बंटवारे पर कांग्रेस की नाराज़गी

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व राजद से नाराज है क्योंकि दो महीने से जारी सीट बंटवारे की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। कांग्रेस को यह स्पष्ट नहीं था कि उसे कितनी सीटें मिलेंगी, जिससे टिकट फाइनल करने में देरी हुई।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा —

“बड़े दल को सबको साथ लेकर चलना चाहिए। तभी गठबंधन में तालमेल और भरोसा दोनों मजबूत रहेंगे।”

सूत्रों ने यह भी बताया कि राजद ने सहयोगी दलों के साथ समान व्यवहार नहीं किया, जिसके कारण झामुमो (JMM) को जगह नहीं मिल सकी, जबकि वीआईपी पार्टी को कांग्रेस के हस्तक्षेप के बाद ही हिस्सा मिला।

🔸 ‘फ्रेंडली फाइट’ से नुकसान का डर

गठबंधन के घटक दलों ने लगभग 10 सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिए हैं, जिनमें चार सीटों पर कांग्रेस और राजद आमने-सामने हैं। अब इन “फ्रेंडली फाइट्स” को खत्म करने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीट शेयरिंग में देरी और संयुक्त घोषणा न होने से ‘इंडिया गठबंधन’ की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की “वोटर अधिकार यात्रा” से बने सकारात्मक माहौल को झटका लगा है।

🔸 संयुक्त अभियान की तैयारी

कांग्रेस और राजद अब फिर से तालमेल दिखाने की कोशिश में हैं। पहले राज्य स्तर पर नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, इसके बाद राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ संयुक्त प्रचार अभियान शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर भी फिलहाल कोई नई घोषणा नहीं हुई है। कांग्रेस का कहना है कि चूंकि तेजस्वी यादव पहले से राजद की ओर से घोषित सीएम उम्मीदवार हैं, इसलिए वही गठबंधन की तरफ से चेहरा रहेंगे।

🔹 मुख्य बातें:

कांग्रेस ने सुलह के लिए अशोक गहलोत को पटना भेजा।

गहलोत बोले — “1-2 दिन में सब साफ, कोई दिक्कत नहीं।”

सीट बंटवारे और रणनीति पर राजद-कांग्रेस में मतभेद।

गुरुवार को हो सकती है गठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस।

राहुल गांधी और तेजस्वी जल्द साथ में प्रचार करेंगे।

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