नई दिल्ली: नवंबर में प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन चारों देशों – भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया – के बीच सहयोग लगातार जारी है। इसी कड़ी में सितंबर महीने में भारत दो अहम आयोजनों की मेजबानी करने जा रहा है।
23-24 सितंबर: एनएसजी में ड्रोन पर तकनीकी चर्चा
एनएसजी मानेसर में ड्रोन के गलत इस्तेमाल पर तकनीकी बैठक होगी।
इसमें ड्रोन की पहचान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, विशेषज्ञों का आदान-प्रदान और राष्ट्रीय नीतियों पर विचार होगा।
उद्देश्य है कि ड्रोन का आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल रोका जा सके।
26 सितंबर: एनआईए सेमिनार में नई तकनीकों पर फोकस
एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) नई तकनीकों के आतंकवादी दुरुपयोग पर सेमिनार आयोजित करेगी।
इसमें एआई, ब्लॉकचेन, क्रिप्टोकरेंसी, डीपफेक, एन्क्रिप्टेड चैट प्लेटफॉर्म और मेटावर्स से जुड़े खतरे पर चर्चा होगी।
खुफिया जानकारी साझा करना, क्षमता निर्माण और अनुसंधान संगठनों को सुरक्षा उपायों के विकास में शामिल करना इसका प्रमुख उद्देश्य है।
रणनीतिक महत्व और अमेरिका का रुख
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप क्वाड को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में इसे एक प्रभावी रणनीतिक समूह के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
‘पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर पार्टनरशिप’ की शुरुआत
क्वाड अगले महीने औपचारिक रूप से ‘पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर पार्टनरशिप’ लॉन्च करेगा। भारत इसके तहत मुंबई में परिवहन और रसद सम्मेलन की मेजबानी करेगा। यह पहल हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्वाड की इंफ्रास्ट्रक्चर फेलोशिप प्रोग्राम को और मजबूती देगी।
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