लखनऊ स्थित कल्याण सिंह कैंसर सुपर स्पेशियलिटी संस्थान की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा घोटाला सामने आया है। संस्थान ने असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति सूची में उस महिला डॉक्टर का नाम शामिल कर दिया, जिसने इंटरव्यू ही नहीं दिया था।
मामला उजागर होने पर शनिवार दोपहर संस्थान निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट ने तत्काल प्रभाव से कार्यकारी रजिस्ट्रार डॉ. शरद सिंह को उनके पद से हटा दिया। साथ ही इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमिटी भी गठित कर दी गई है।
भर्ती प्रक्रिया और गड़बड़ी
संस्थान ने 10 फरवरी 2024 को 96 प्रफेसर, असोसिएट प्रफेसर और असिस्टेंट प्रफेसर की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था।
देशभर से डॉक्टरों ने आवेदन किया और इंटरव्यू अगस्त के आखिर तक संपन्न हुए।
4 सितंबर को चयनित डॉक्टरों की सूची जारी की गई।
एनस्थीसिया विभाग में 5 डॉक्टरों का चयन किया गया, जिसमें डॉ. श्वेता अग्रवाल का नाम भी शामिल था।
चौंकाने वाली बात यह रही कि डॉ. श्वेता ने सिर्फ आवेदन किया था, लेकिन इंटरव्यू में शामिल नहीं हुई थीं।
संस्थान का स्पष्टीकरण
संस्थान निदेशक प्रो. भट्ट ने कहा कि एनेस्थीसिया विभाग में एक ही नाम वाले तीन उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनके उपनाम अलग-अलग थे। सूची में गड़बड़ी से उस उम्मीदवार का नाम छप गया जो इंटरव्यू में मौजूद ही नहीं थी।
उठे सवाल
इतनी बड़ी भर्ती प्रक्रिया में विशेषज्ञ डॉक्टरों और कर्मचारियों की पूरी टीम लगाई गई थी, फिर भी ऐसी गड़बड़ी होना भ्रष्टाचार की आशंका को जन्म देता है। संस्थान ने घोषणा की है कि चयनित डॉक्टरों की सूची दोबारा जारी की जाएगी
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