मुंबई का मरीन ड्राइव बनाम पटना का गंगा रिवर फ्रंट (ठेला -फोकचा ड्राइव)

मुंबई का मरीन ड्राइव बनाम पटना का गंगा रिवर फ्रंट (ठेला -फोकचा ड्राइव)

पटना। बिहार की राजधानी पटना में गंगा किनारे बने नए रिवर फ्रंट रोड को लोग अक्सर ‘पटना का मरीन ड्राइव’ कहकर संबोधित करते हैं। लेकिन स्थानीय लोगों और जानकारों का मानना है कि इसकी मुंबई के असली मरीन ड्राइव से तुलना करना उचित नहीं है।

गंगा किनारे बना लंबा, ठेला-फोकचा ड्राइव

पटना में बना यह गंगा रिवर फ्रंट रोड करीब 20 किलोमीटर लंबा है। इसे स्थानीय तौर पर “ ठेला-फोकचा ड्राइव” भी कहा जाता है। इस सड़क का निर्माण शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और लोगों को नदी किनारे आधुनिक सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किया गया है।

क्यों ‘मरीन ड्राइव’ नाम पड़ा?

मुंबई का मरीन ड्राइव विश्व प्रसिद्ध है और भारत की पहचान में गिना जाता है। इसी तर्ज पर पटना के गंगा रिवर फ्रंट को ‘मरीन ड्राइव’ का नाम दिया गया। हालांकि, मुंबई के मरीन ड्राइव की चमक-दमक और अंतरराष्ट्रीय पहचान की तुलना में पटना का रिवर फ्रंट अभी शुरुआती दौर में है और केवल स्थानीय आकर्षण तक सीमित है।

स्थानीय लोगों की राय

कई लोगों का कहना है कि पटना के इस रिवर फ्रंट को ‘पटना का मरीन ड्राइव’ कहना भ्रामक है। उनके अनुसार यह सड़क आधुनिक जरूर है, लेकिन इसे मुंबई के मरीन ड्राइव के स्तर पर देखना सही नहीं होगा। सही मायनों में यह ‘गंगा रिवर फ्रंट’ या ‘देला फोकचा ड्राइव’ ही कहलाना चाहिए।

पटना का यह नया रिवर फ्रंट शहरवासियों के लिए एक आधुनिक आकर्षण है, लेकिन मुंबई के मरीन ड्राइव जैसी पहचान हासिल करने में इसे अभी लंबा सफर तय करना होगा।

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